अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और पोप लियो 14वें
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पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच जहां एक ओर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पोप लियो 14वें के बीच खूब टिप्पणियां चल रही है। वहीं दूसरी ओर अमेरिका ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पोप लियो की तारीफ भी की है। भले ही कुछ मुद्दों पर उनसे उन्होंने असहमति भी जताई हो। जेडी वेंस ने एक इंटरव्यू में कहा कि उन्हें अच्छा लगता है जब पोप दुनिया के बड़े मुद्दों जैसे युद्ध, शांति, इमिग्रेशन और गर्भपात पर खुलकर बोलते हैं। उनके मुताबिक, इससे चर्चा शुरू होती है, जो जरूरी है।
हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि वे पोप की हर बात से सहमत नहीं हैं। खासतौर पर हाल ही में ईरान संघर्ष को लेकर पोप के बयान पर उन्होंने सवाल उठाया। पोप ने कहा था कि जो लोग युद्ध करते हैं या बम गिराते हैं, वे शांति के रास्ते पर नहीं हैं। इस पर वेंस ने तर्क दिया कि इतिहास में कई बार युद्ध जरूरी भी रहा है, जैसे जब अमेरिका ने द्वितीय विश्व युद्ध में निर्दोष लोगों को बचाया।
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अब ट्रंप और पोप के बीच विवाद को समझिए
बता दें कि पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच बीते कई दिनों से डोनाल्ड ट्रंप और पोप के बीच तकरार देखने को मिल रहा है। जब पोप ने युद्ध को खत्म करने और शांती की अपील की, तब ट्रंप ने पोप की बातों को गलत बताया और यहां तक कह दिया कि वे माफी नहीं मांगेंगे। ट्रंप ने यह भी कहा कि पोप कुछ मुद्दों पर कमजोर हैं। इस बयान से दोनों के बीच तनाव और बढ़ गया है।
पोप का जवाब शांति पर दिया जोर
इस पूरे विवाद के बीच पोप लियो 14वें ने बहुत शांत और संतुलित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने साफ कहा कि वे किसी राजनीतिक बहस में नहीं पड़ना चाहते। पोप ने कहा कि उनका काम राजनीति करना नहीं, बल्कि शांति का संदेश देना है। वे दुनिया में युद्ध खत्म करने और देशों के बीच संवाद बढ़ाने की कोशिश करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि मैं ट्रंप प्रशासन से नहीं डरता।
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गाजा और शांति की बात
जेडी वेंस ने गाजा की स्थिति को बहुत बड़ी मानवीय त्रासदी बताया। उन्होंने दावा किया कि डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में वहां शांति समझौते की कोशिशें हुई हैं। पोप इस समय अफ्रीका के दौरे पर हैं, जहां वे शांति, भाईचारा और धर्मों के बीच संवाद का संदेश दे रहे हैं। खासतौर पर अल्जीरिया जैसे देशों में उनका फोकस अलग-अलग समुदायों को जोड़ने पर है।