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Argentina: हावियर मिलई ने अर्जेंटीना के राष्ट्रपति पद की शपथ ली, इस्राइली विदेश मंत्री बोले- वह हमारे समर्थक

Mon, 11 Dec 2023 07:47 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ब्यूनस आयर्स

सार

अपने संबोधन में मिलई ने कहा कि 'आज, अर्जेंटीना के लिए एक नए युग की शुरुआत है। आज एक लंबे अवनति और गिरावट वाले दुखी इतिहास का अंत हो रहा है और हम पुनर्निर्माण की राह पर आ गए हैं।' 
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अर्जेंटीना के नए राष्ट्रपति हावियर मिलई - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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हावियर मिलई ने रविवार को अर्जेंटीना के नए राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह की अध्यक्षता पूर्व राष्ट्रपति अलबर्टो फर्नांडेज ने की। शपथ ग्रहण के बाद मिलई ने अपने पहले संबोधन में कहा कि वह देश में बड़े बदलाव लेकर आएंगे। बता दें कि मिलई एक अर्थशास्त्री और पूर्व राजनीतिक कमेंटेटर रहे हैं, जिन्होंने अपने चुनाव प्रचार के दौरान अर्जेंटीना की अर्थव्यवस्था में बड़े बदलाव का वादा किया था। 
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'नए युग की शुरुआत'
अर्जेंटीना की संसद के बाहर ग्रांड स्टेयरवैल में एक बड़े जनसमूह को संबोधित करते हुए अपने संबोधन में मिलई ने कहा कि 'आज, अर्जेंटीना के लिए एक नए युग की शुरुआत है। आज एक लंबे अवनति और गिरावट वाले दुखी इतिहास का अंत हो रहा है और हम पुनर्निर्माण की राह पर आ गए हैं। अर्जेंटीना के लोगों ने बदलाव के लिए वोट किया है और अब हम इससे पीछे नहीं हट सकते।' मिलई के शपथ ग्रहण समारोह में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की, ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति  जेर बोलसोनारो और इस्राइल के विदेश मंत्री एली कोहेन भी शामिल हुए। 

इस्राइल का किया समर्थन
एली कोहेन ने हावियर मिलई से मुलाकात के बाद उन्हें इस्राइल का समर्थक बताया। बता दें कि कोहेने के साथ ही हमास द्वारा बंधक बनाए गए लोगों के परिजन भी हावियर मिलई से मिले। मुलाकात के बाद एली कोहेन ने सोशल मीडिया पर साझा किए एक पोस्ट में बताया कि मिलई ने इस्राइल का समर्थन किया है और साथ ही अर्जेंटीना की एंबेसी को यरूशलम शिफ्ट करने की भी बात कही है। बता दें कि हावियर मिलई ने अर्जेंटीना की अर्थव्यवस्था के डॉलरीकरण करने का वादा किया था।
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मिलई की आर्थिक मामलों की टीम ने आईएमएफ के साथ बातचीत भी शुरू कर दी है। साथ ही मिलई ने वॉशिंगटन में अमेरिकी अधिकारियों के साथ भी मुलाकात की। मिलई को ट्रंप समर्थक माना जाता है। ट्रंप की तरह ही मिलई भी जलवायु परिवर्तन को नहीं मानते। मिलई ने सरकारी खर्च पर लगाम लगाने और शिक्षा मंत्रालय, संस्कृति और विविधता जैसे  मंत्रालयों को बंद करने का वादा किया था।  
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