जापान के मुख्य कैबिनेट सचिव योशिहिडे सुगा
- फोटो : Facebook/Yoshihide Suga
राष्ट्रपति जो बाइडन ने जापान के पीएम योशिहिदे सुगा के साथ हिंद प्रशांत क्षेत्र में चीन विरोधी संयुक्त मोर्चा बनाने का संकल्प लिया। दोनों ने जलवायु परिवर्तन और अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकी पर मदद बढ़ाने तथा भारत और ऑस्ट्रेलिया के साथ बने क्वाड गठबंधन को मजबूत करने का भी संकल्प लिया। दोनों नेताओं के बीच व्हाइट हाउस में क्षेत्रीय शांति व समृद्धि पर चीन के कदमों और प्रभाव पर चर्चा हुई।
अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद बाइडन की जापान के पीएम सुगा के साथ यह पहली प्रत्यक्ष मुलाकात थी। दोनों नेताओं ने अपने संयुक्त बयान में चीन के मामले में स्पष्ट बातचीत का आह्वान करते हुए बीजिंग के बढ़ते समुद्री कदमों, हांगकांग, ताइवान और शिनजियांग में बढ़ते तनाव को लेकर चिंता जताई। संयुक्त बयान में कहा गया कि हम स्वतंत्र, मुक्त, सुगम, विविध और संपन्न हिंद-प्रशांत के निर्माण के लिए ‘क्वाड’ के माध्यम से भारत और ऑस्ट्रेलिया समेत अपने सहयोगियों एवं साझेदारों के साथ मिलकर काम करना जारी रखेंगे। संयुक्त बयान में एक नए युग के लिए ‘अमेरिका-जापान वैश्विक साझेदारी’ की शुरुआत की घोषणा की गई। इसमें कहा गया है कि अमेरिका और जापान हिंद-प्रशांत क्षेत्र और दुनिया भर में शांति व सुरक्षा का आधार बने गठबंधन का नवीकरण कर रहे हैं।
भारत व ऑस्ट्रेलिया के साथ मिल चीन से मुकाबला करेंगे
बाइडन और सुगा में हुई वार्ता के बाद जापानी पीएम ने कहा कि हमने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव पर गंभीर चर्चा की। हमने पूर्व और दक्षिण चीन सागर में यथास्थिति को बलपूर्वक बदलने की हर कोशिश का विरोध करने पर सहमति जताई। उधर, बाइडन ने कहा, हम भारत और ऑस्ट्रेलिया के साथ मिलकर चीन से पैदा हो रही गंभीर चुनौतियों का मुकाबला करेंगे।
चीन के प्रति नकारात्मक है अमेरिका : युचेंग
बीजिंग। चीन के शीर्ष राजनयिक और उप विदेश मंत्री ली युचेंग ने कहा है कि चीन के प्रति अमेरिका की नीति बेहद ही नकारात्मक है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के टकराव को बढ़ाने से दोनों देशों में सहयोग कम होता दिखाई देता है जबकि कोविड-19 का मुकाबला करने के लिए दोनों देश आर्थिक सुधारों पर मिलकर काम कर सकते हैं।
किम जोंग से मिलने को तैयार हैं सुगा
जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा ने कहा कि वे उत्तर कोरिया के साथ अच्छे रिश्ते बनाने के लिए बिना किसी पूर्व शर्त के किम जोंग-उन से मुलाकात करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि जापानी नागरिकों के अपहरण का हल खोजने के लिए मैं आगे होकर तैयार हूं। बता दें कि 2002 में उत्तर कोरिया मान चुका है कि उसके एजेंटों ने 13 जापानी नागरिकों का अपहरण किया है।