जापान के प्रधानमंत्री फूमियो किशिदा पर जानलेवा हमला करने के आरोपी को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। जापानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रधानमंत्री फूमियो किशिदा पर उपकरण फेंकने के आरोप में हिरासत में लिया गया रियूजी किमुरा इससे पहले सरकार के खिलाफ एक मुकदमा दायर कर चुका है। हालांकि उसे अदालत ने खारिज कर दिया था।
रिपोर्ट्स में कहा गया है कि रियूजी किमुरा ने पहले चुनाव योग्यता को लेकर सरकार पर मुकदमा दायर किया था। ऐसे में पुलिस इस बात की जांच में लगी है कि कहीं उस मुकदमे का संबंध प्रधानमंत्री पर हमले की कोशिश से तो नहीं है।
बीते साल दायर किया था मुकदमा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिरासत में लिए गए आरोपी ने बीते साल सरकार पर यह आरोप कि सरकार ने उसे ऊपरी सदन का चुनाव लड़ने से रोक दिया था, कोबे क्षेत्रीय न्यायालय में मुकदमा दायर किया था। साथ ही उसने हर्जाने की मांग भी की थी। न्यायालय में दिए गए दस्तावेजों के मुताबिक, किमुरा का कहना था कि लोक कार्यालय निर्वाचन कानून के तहत उम्मीदवारी की योग्यता के लिए 30 वर्ष या उससे अधिक आयु की शर्त, संविधान का उल्लंघन है।
इसके साथ ही किमुरा ने यह भी दावा किया था कि ऊपरी सदन के चुनाव की उम्मीदवारी के लिए 30 लाख येन यानि क़रीब 22,300 डॉलर जमा कराने की अनिवार्यता संबंधी अनुच्छेद भी संविधान का उल्लंघन है। अपने दावों के साथ ही किमुरा ने बीते साल जुलाई में ऊपरी सदन का चुनाव लड़ने से अयोग्य ठहराए जाने के कारण हुई मानसिक पीड़ा के एवज में एक लाख येन यानि लगभग 700 डॉलर के हर्जाने की मांग की थी।
अदालत ने खारिज कर दिया था मुकदमा
हालांकि न्यायालय ने ये मामला खारिज कर दिया था। बीते साल नवम्बर में किमुरा की अपील ठुकराते हुए अदालत ने कहा था कि आयु और जमानत राशि की शर्तें उम्मीदवारी के लिए सही हैं। इसके बाद किमुरा इस फैसले के खिलाफ अपील की थी।
उस मुकदमे का संबंध पीएम पर हमले से तो नहीं
अब जापान की पुलिस इस मुकदमे और प्रधानमंत्री किशिदा फूमियो पर हमले की कोशिश के बीच संबंध की पड़ताल कर रही है। गौरतलब है कि जापान के प्रधानमंत्री फूमियो किशिदा के सभास्थल पर शनिवार को बम फेंक दिया गया था। हालांकि, जब तक यह बम फटता, सुरक्षाकर्मियों ने पीएम किशिदा को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बम को सुबह करीब 11:25 बजे कई सौ लोगों की भीड़ के बीच से फेंका गया था। जिससे लोग दहशत में आ गए थे।
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