जापान के प्रतिस्पर्धा आयोग ने गूगल के खिलाफ नए मामले में जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि गूगल ने एंड्रॉइड स्मार्टफोन में कंपनियों से अपने इंटरनेट सर्च इंजन पहले से इंस्टॉल करवाए। बदले में कंपनियों को अपनी कमाई में से हिस्सा भी दिया।
ऐसा करके उसने किसी और टेक कंपनी के सर्च इंजन को पनपने व लोकप्रिय होने से रोका। इसे एकाधिकार स्थापित करने व बनाए रखने का अनुचित तरीका मानते हुए यह जांच की जा रही है।
जेएफटीसी की कार्रवाई
गूगल पर जापान फेयर ट्रेड कमीशन (जेएफटीसी) की ताजा कार्रवाई बहुत कुछ भारत में प्रतिस्पर्धा आयोग और यूरोपीय आयोग की ओर से इसी टेक कंपनी के खिलाफ की जा रही जांच जैसी मानी जा रही है। जापान के कारोबारी वर्चस्व-रोधी कानून के अनुसार एकाधिकार बनाने या कायम रखने के लिए उत्पाद बेचने से हुई कमाई में से कंपनियों को हिस्सा देना गंभीर अपराध है।
गूगल ने स्मार्टफोन बना रही कंपनियों को इस शर्त पर पैसा दिया कि कंपनियां किसी और टेक कंपनी के सर्च इंजन अपने फोन में इंस्टॉल नहीं करेंगी। इन फोन में 'गूगल सर्च', 'गूगल क्रोम' और 'गूगल प्ले' जैसे एप पहले से इंस्टॉल करके क्यों बेचे जा रहे थे, इसकी भी जेएफटीसी ने जांच करने की बात कही।