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जापान में आम चुनाव: सर्वे में खुलासा, मतदाता हैं उदासीन, सत्ता में वापसी कर सकती है मौजूदा सरकार

Tue, 19 Oct 2021 04:52 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो

सार

सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक 29.6 फीसदी मतदाताओं ने साफ कहा कि वे प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा के नेतृत्व वाली एलडीपी को वोट देंगे। जबकि प्रमुख विपक्षी कॉन्स्टीट्यूशनल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ जापान को सिर्फ 9.7 फीसदी मतदाताओं ने वोट देने की बात कही...
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फुमियो किशिदा - फोटो : Twitter@ Fumio Kishida
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विस्तार
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जापान के आम चुनाव में इस बार सत्ताधारी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) को लेकर मतदाताओं में पहले जैसा उत्साह नहीं है। अपने गठन के बाद 66 से लगभग 62 साल सत्ता में रहने वाली इस पार्टी को इस बार मतदाताओं की उदासीनता का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन प्रमुख विपक्षी दलों के गठबंधन बना लेने से एलडीपी की चुनौतियों में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई है। इसलिए पर्यवेक्षकों की राय है कि एलडीपी सरकार बनाने लायक सीटें जीतने में सफल हो जाएगी। जापान में नई डियेट (संसद) चुनने के लिए अगले 31 अक्टूबर को मतदान होगा।

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एक ताजा चुनाव पूर्व जनमत सर्वेक्षण के मुताबिक एलडीपी को अपने प्रतिद्वंद्वी गठबंधन से काफी अधिक समर्थन मिल रहा है। लेकिन उसके लिए चिंता की बात यह है कि अभी लगभग 40 फीसदी मतदाताओं ने इस बारे में अपना मन अभी बनाया है कि वे किस पार्टी को वोट देंगे। ताजा जनमत सर्वे जापान की समाचार एजेंसी क्योदो ने जारी किया है। इस सर्वे में देशभर के मतदाताओं के सैंपल की राय ली गई।

सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक 29.6 फीसदी मतदाताओं ने साफ कहा कि वे प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा के नेतृत्व वाली एलडीपी को वोट देंगे। जबकि प्रमुख विपक्षी कॉन्स्टीट्यूशनल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ जापान को सिर्फ 9.7 फीसदी मतदाताओं ने वोट देने की बात कही। लेकिन 39.4 फीसदी मतदाताओं ने कहा कि उन्हें अभी यह नहीं मालूम कि वे किसे वोट देंगे।  
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पर्यवेक्षकों का कहना है कि एलडीपी को मिल रहे समर्थन के अलावा उसके सहयोगी दल कोमितो को 4.7 फीसदी वोट मिलने की संभावना है। इस तरह एलडीपी-कोमितो गठबंधन सरकार बनाने की स्थिति पहुंच जाएगा। लेकिन देखने की बात यह होगी कि क्या वह उतनी बड़ी जीत हासिल कर पाएगा, जितनी पिछले एक दशक में हुए चुनावों में उसे मिलती रही है। इन चुनावों में उसे दो तिहाई बहुमत मिलता रहा है।

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