जापान के अधिकारियों ने बुधवार को एक जापानी सैनिक को गिरफ्तार करने की पुष्टि की है। इस सैनिक पर कथित रूप से टोक्यो में चीनी दूतावास में बिना इजाजत (अवैध रूप) से घुसने का आरोप है। चीन ने इस घटना पर विरोध जताया था, जिसके एक दिन बाद यह गिरफ्तारी हुई है। अब यह मामला जापान और चीन के बीच बढ़ते तनाव का नया केंद्र बन गया है।
चीनी विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने बीजिंग में एक मीडिया वार्ता के दौरान बताया कि मंगलवार सुबह एक व्यक्ति दीवार फांदकर दूतावास परिसर में जबरन घुस आया। उस व्यक्ति ने खुद को जापानी आत्म-रक्षा बल का अधिकारी बताया था। टोक्यो पुलिस ने बुधवार को जानकारी दी कि गिरफ्तार व्यक्ति की उम्र 23 साल है और वह जापान की थल सेना (जीएसडीएफ) का सदस्य है।
जापानी सेना ने की पुष्टि
जापानी सेना ने पुष्टि की है कि संदिग्ध सैनिक मियाजाकी प्रांत के कैंप एबिनो में तैनात है। सेना के अधिकारी इस मामले में पुलिस का पूरा सहयोग कर रहे हैं। जापानी मीडिया ने पुलिस के हवाले से बताया कि यह सैनिक चीनी राजदूत को यह कहने के लिए दूतावास में घुसा था कि चीन जापान के प्रति अपना कड़ा रुख बंद करे। सैनिक के पास एक चाकू भी था। उसने धमकी दी थी कि अगर उसकी मांग नहीं मानी गई, तो वह खुद को मार लेगा।
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जापान के सरकारी चैनल एनएचके के अनुसार, उस व्यक्ति को मौके पर ही पकड़ लिया गया और आगे की जांच के लिए टोक्यो पुलिस को सौंप दिया गया। इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, उस व्यक्ति ने कथित तौर पर दूतावास की दीवार फांदी थी और वहां एक चाकू भी मिला है।
चीन ने मांगा जवाब
चीन ने इस घटना पर गहरा दुख और गुस्सा जताया है। प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि जापान अपने सैनिकों को ठीक से नियंत्रित और अनुशासित करने में नाकाम रहा है। उन्होंने कहा कि जापान ने चीनी दूतावास और उसके कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं की। चीन ने मांग की है कि जापान इस मामले की पूरी जांच करे, दोषी को सजा दे और चीन को इस पर स्पष्टीकरण दे।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ा हुआ है। पिछले साल नवंबर में जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने कहा था कि ताइवान पर चीन की सैन्य कार्रवाई जापान के अस्तित्व के लिए खतरा बन सकती है और ऐसी स्थिति में बल प्रयोग की जरूरत पड़ सकती है। इसके बाद से ही चीन ने जापान के खिलाफ कूटनीतिक और व्यापारिक कड़े कदम उठाए हैं।
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