जापान के रक्षा मंत्री तारो कोनो ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने उत्तर कोरिया की धमकियों के बीच देश की क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से दो बेहद कीमती अमेरिकी मिसाइल रक्षा प्रणालियों को तैनात करने की योजना रद्द करने का फैसला किया है।
कोनो ने बृहस्पतिवार को कहा कि अब जापान अपनी मिसाइल रक्षा प्रणाली की समीक्षा करेगा और अपनी पूरी रक्षा मुद्रा को बढ़ाएगा। परिषद ने बुधवार को अमेरिकी मिसाइल प्रणाली की तैनाती की योजना रद्द करने का फैसला लिया और अब सरकार को अमेरिका से भुगतान और खरीद निविदा पर दोबारा वार्ता करनी होगी जबकि एजिस अशोर प्रणाली को पहले ही खरीदने का करार हो चुका है।
कोनो ने इस माह की शुरुआत में कहा था कि यह पाया गया कि दो नियोजित प्रणालियों में से एक के सुरक्षा हार्डवेयर को फिर से डिजाइन किए बिना सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती है, यह अधिक समय लेने वाली और महंगी प्रक्रिया होगी। इसलिए उन्होंने ‘एजिस एशोर प्रणाली’ की ‘तैनाती प्रक्रिया को रोकने’ का फैसला किया है।
कोनो ने बृहस्पतिवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘हम इस परियोजना पर आगे नहीं बढ़ सकते हैं, लेकिन उत्तर कोरिया से खतरा बना हुआ है।’ उन्होंने कहा कि जापान, देश और यहां के लोगों की उत्तर कोरियाई मिसाइलों और अन्य खतरों से बचाने के रास्ते के लिए चर्चा करेगा।
जापान की सरकार ने 2017 में देश के मौजूदा रक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए एजिस एशोर प्रणाली की दो मिसाइल रक्षा प्रणालियों को तैनात करने की मंजूरी दी थी। इनमें समुद्र में एजिसयुक्त विध्वंसक और जमीन पर ‘पैट्रियट’ मिसाइल शामिल थी।
रक्षा अधिकारियों का कहना है कि दो एजिस एशोर प्रणाली से पूरे जापान की रक्षा की जा सकती है। उनके मुताबिक एक प्रणाली दक्षिण में यामागुची में स्थापित करनी होगी जबकि दूसरी प्रणाली उत्तर में अकिता में स्थापित करनी होगी।
इन दो प्रणालियों को लागू करने की योजना में पहले भी कई बाधाएं आई थी जिनमें इनके स्थापित करने के स्थान और इन्हें लगाने के लिए लगातार बढ़ रहे खर्च शामिल है। अनुमान के मुताबिक 30 साल तक इन दोनों प्रणालियों के परिचालन और रख रखाव पर 450 अरब येन (4.1 अरब डॉलर) का खर्च आएगा। वहीं स्थानीय लोग भी सुरक्षा के मद्देनजर इसका विरोध कर रहे हैं।