वित्तीय संकट से जूझ रही पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस ने गुरुवार को घोषणा की कि इसने ‘संदिग्ध लाइसेंस’ वाले 150 पायलटों को विमान उड़ाने से रोक दिया है। यह घटनाक्रम कराची विमान हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट आने के एक दिन बाद हुआ है, जिसमें हादसे के लिए पायलटों और हवाई यातायात नियंत्रण कर्मियों को जिम्मेदार बताया गया है। पीआईए प्रवक्ता ने भी माना है कि 860 पायलटों में से 262 फर्जी हैं।
पाकिस्तान इंटरनेशनल एअरलाइंस (पीआईए) के प्रवक्ता ने कहा, ‘इतने पायलटों को विमान उड़ाने से रोके जाने से पीआईए का उड़ान परिचालन प्रभावित होगा।’ उन्होंने कहा कि फर्जी डिग्रीधारक छह पायलटों को पहले ही बर्खास्त किया जा चुका है।
जिओ न्यूज ने पीआईए प्रवक्ता के हवाले से कहा कि जो पायलट अपने लाइसेंस को प्रमाणित कराएंगे, उन्हें ड्यूटी पर वापस आने दिया जाएगा। इस दौरान उड्डयन मंत्री गुलाम सरवर खान ने कुछ हैरान कर देने वाले खुलासे किए। खान के अनुसार पीआईए में 860 पायलट हैं। इनमें से 262 ऐसे हैं जिन्होंने पायलट बनने के लिए परीक्षा ही नहीं दी। यानी तीन में से एक पायलट फर्जी है।
परीक्षा में अपनी जगह किसी और व्यक्ति को भेजा
खान ने कराची प्लेन क्रैश की रिपोर्ट पेश करते हुए बताया कि पीआईए में पायलटों की नियुक्ति सियासी दबाव और दखल के आधार पर होते रहे हैं। फरवरी 2019 में इसकी जांच शुरू हुई, तो पाया गया कि 262 पायलटों ने नौकरी पाने की परीक्षा में अपनी जगह किसी और व्यक्ति को भेजा था। इन पायलटों के पास जरूरी फ्लाइंग अनुभव भी नहीं था। मुल्क की यह बदकिस्मती है कि उड्डन सेक्टर में भी सियासतदान दखल देते हैं।
प्रवक्ता ने कहा कि हमने नागरिक उड्डयन प्राधिकरण से शेष लाइसेंसों की सूची भेजने को कहा है। हमें रिपोर्ट मिल गई है और हम अपना स्तर बेहतर बनाने पर काम कर रहे हैं। पीआईए अध्यक्ष ने नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (सीएए) को पत्र लिखकर संदिग्ध और फर्जी लाइसेंस वाले शेष पायलटों का ब्योरा देने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा, ‘फर्जी लाइसेंस वाले सभी पायलटों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वाणिज्यिक परिचालन को सुरक्षित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।’