जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे (फाइल फोटो)
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कोरोना वायरस महामारी के चलते पूरी दुनिया मंदी के दौर से गुजर रही है। ऐसे में जापान ने अपनी अर्थव्यवस्था पटरी पर लाने के लिए बुधवार को 300 बिलियन डॉलर के प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की। बाकी देशों की तुलना में जापान में संक्रमण का प्रकोप और मृतकों की संख्या कम रहने के बावजूद यहां उपभोक्ता खर्च में कमी आई है, जिसकी वजह से साल 2015 के बाद यहां पहली बार आर्थिक मंदी आई है।
इस स्थिति से उबरने के लिए जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे की कैबिनेट ने बुधवार को 31.91 ट्रिलियन येन (296 बिलियन डॉलर) के दूसरे बजट को सहमति दे दी। इस पैकेज में छोटे व्यवसायों और चिकित्सा कर्मियों के लिए नकद मदद जैसे प्रावधान शामिल हैं। आबे ने बुधवार को कहा, दुनिया के सबसे बड़े राहत पैकेज के साथ हम जापानी अर्थव्यवस्था की रक्षा करेंगे। यह पैकेज जापान की जीडीपी का करीब 40 फीसदी है।
इससे पहले सोमवार को शिंजो आबे ने कहा था कि उनकी सरकार कोविड-19 के दुष्प्रभाव से कंपनियों को बचाने के लिए एक लाख अरब येन (930 अरब डॉलर) का एक और प्रोत्साहन पैकेज पेश करेगी। इसके साथ ही उन्होंने कोरोना के चलते लागू देशव्यापी आपातकाल की समाप्ति की भी घोषणा की थी। इसके साथ ही टोक्यो समेत बचे पांच प्रांतों में से भी कोविड-19 आपातकाल से जुड़ी पाबंदियां हटा ली गई थीं।।
सरकार ने इससे पहले एक लाख 17 हजार अरब येन के राहत पैकेज की घोषणा की थी। बता दें कि जापान में कोरोना वायरस के अब तक 16,623 मामले आ चुके हैं, इनमें से 8,534 लोग ठीक हो चुके हैं और 6,262 सक्रिय मरीज हैं। देश में कोरोना से अभी तक 846 लोगों की मौत हुई है। यहां अमेरिका और यूरोप जैसे हालत नहीं बने हालांकि दुनिया की यह तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था मंदी की चपेट में है।