विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को अपनी ब्रिटिश समकक्ष लिज ट्रस से नई दिल्ली में मुलाकात की। दोनों नेताओं ने प्रतिनिधिमंडल स्तरीय वार्ता के दौरान भूराजनीतिक परिस्थितियों के बीच दोनों देशों के बीच बढ़ते संबंधों पर बातचीत की।
जयशंकर ने रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे विवाद का उल्लेख करते हुए कहा, मुझे लगता है कि रोडमैप 2030 में लगातार विकास हो रहा है। इन सब में हमारे सामने भूराजनीतिक परिस्थितियां हैं, इससे पहले हम कोविड का सामना कर रहे थे।
उन्होंने आगे कहा कि ऐसे बहुत सारे मुद्दे हैं जिन पर हमें बात करने की जरूरत है लेकिन ऐसा भी बहुत कुछ है जिस पर हमें काम करने की आवश्यकता है। वहीं, ब्रिटेन की वित्त मंत्री लिज ट्रस ने कहा रोडमैप 2030 दोनों देशों के लिए अहम है।
हम बहुत अस्थिर दुनिया में रह रहे हैं: लिज ट्रस
ट्रस ने कहा कि यह ब्रिटेन के लिए बहुत जरूरी है कि हम अपने आर्थिक, सुरक्षा और रक्षा संबंधों को बेहतर कर रहे हैं क्योंकि हम एक बहुत अस्थिर दुनिया में रह रहे हैं। इसीलिए हमें भारत में अपना काम और मजबूत करने की जरूरत है।
यूक्रेन संकट को लेकर ट्रस ने कहा कि रूस के हमले को देखते हुए यह वैश्विक सुरक्षा के लिए एक कठिन समय है। यह बहुत जरूरी है कि संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सिद्धांतों का और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का हर स्थिति में सम्मान किया जाए।
ब्रिटिश विदेश मंत्री ने कहा कि यूक्रेन संकट के दूरगामी प्रभाव होंगे। हम देख रहे हैं कि वैश्विक खाद्य सुरक्षा खतरे में है और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को भी खतरा है। मुझे लगता है कि इस समय रूस पर प्रतिबंध लगाना बहुत महत्वपूर्ण है।
ऑपरेशन गंगा पर भी की दोनों नेताओं ने बात
'ऑपरेशन गंगा' के बारे में ट्रस को जानकारी देते हुए जयशंकर ने कहा कि यूक्रेन में फंसे 22,000 छात्र भारत की तत्काल चिंता थे। उन्हें सुरक्षित निकालना चुनौती भरा था। जयशंकर ने कहा कि यूक्रेन के बहुत से पड़ोसी देश बहुत मददगार थे।
ट्रस ने कहा कि मैं यूक्रेन से छात्रों को निकालने के लिए भारत को सलाम करती हूं। यह समान विचारधारा वाले देशों के संबंधों को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत पर प्रकाश डालता है। खाद्य सुरक्षा, वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा खतरे में है।
जयशंकर ने हाल ही में चीन के विदेश मंत्री वांग यी की भारत यात्रा को लेकर कहा कि हमने यूक्रेन के हालात और अपने संबंधों पर चर्चा की, जो असल में अच्छे दौर से नहीं गुजर रहे हैं। यूक्रेन में जो हो रहा है उसे लेकर चीन का अपना विश्लेषण है।