भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत और अफ्रीकी देशों के बीच ऐतिहासिक साझेदारी को साझा एकजुटता, समान अवसरों और आत्मनिर्भरता की भावना पर आधारित बताया है। उन्होंने कहा कि भारत और अफ्रीका दोनों की विकास संबंधी प्राथमिकताएं औद्योगीकरण, आर्थिक प्रगति और अपने भविष्य को स्वयं निर्धारित करने की आकांक्षा से जुड़ी हैं।
शुक्रवार को इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा स्थित अडवा मेमोरियल म्यूजियम में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जयशंकर ने दोनों पक्षों के बीच सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विकासशील देशों को औद्योगीकरण के अवसर मिलने चाहिए और सस्ते सामान की अत्यधिक आमद या बाजार तक पहुंच सीमित करने जैसे कदम उनकी विकास यात्रा में बाधा नहीं बनने चाहिए।
भारत और अफ्रीका के बीच व्यापारिक संबंध मजबूत
जयशंकर ने भारत और अफ्रीकी देशों के बीच बढ़ते व्यापार एवं निवेश संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों पक्ष कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग कर रहे हैं। इनमें विनिर्माण, दूरसंचार, दवा उद्योग, ऊर्जा, खनन, कृषि, बुनियादी ढांचा, वित्तीय सेवाएं और सूचना प्रौद्योगिकी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता को लेकर भारत और अफ्रीका की साझा सोच इस दीर्घकालिक साझेदारी की मजबूत नींव है। दोनों पक्षों के लिए आर्थिक विकास के साथ-साथ अपनी क्षमताओं को मजबूत करना और विकास की दिशा स्वयं तय करना महत्वपूर्ण है।
अफ्रीका में 220 से अधिक विकास परियोजनाओं को भारत का समर्थन
विदेश मंत्री ने बताया कि अफ्रीकी देशों के साथ भारत की विकास साझेदारी संबंधित देशों की जरूरतों और प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर आगे बढ़ाई जाती है।
जयशंकर के अनुसार, भारत ने बिजली उत्पादन, विद्युत पारेषण, जल प्रबंधन, कृषि, रेलवे, स्वास्थ्य सेवाओं, विनिर्माण और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में 220 से अधिक परियोजनाओं का समर्थन किया है।
इन पहलों का उद्देश्य अफ्रीकी देशों की विकास संबंधी जरूरतों को पूरा करने और स्थानीय क्षमताओं को मजबूत बनाने में सहयोग देना है। भारत की विकास साझेदारी में परियोजनाओं के साथ कौशल विकास और मानव संसाधन निर्माण को भी अहम स्थान दिया गया है।
70 हजार से अधिक अफ्रीकी छात्रों और पेशेवरों को मिला सहयोग
जयशंकर ने भारत की क्षमता निर्माण पहलों का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले एक दशक में 70,000 से अधिक अफ्रीकी छात्रों और पेशेवरों को भारत की ओर से सहायता मिली है।
शिक्षा, प्रशिक्षण और कौशल विकास से जुड़े ये प्रयास भारत-अफ्रीका संबंधों को व्यापक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे दोनों पक्षों के बीच ज्ञान, अनुभव और तकनीकी विशेषज्ञता साझा करने के अवसर भी बढ़ते हैं।
डिजिटल तकनीक, इंडिया स्टैक और AI पर बढ़ेगा सहयोग
भारत और अफ्रीका के बीच भविष्य के सहयोग में तकनीक की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करते हुए विदेश मंत्री ने डिजिटल गवर्नेंस और इंडिया स्टैक से जुड़ी पहलों का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि डिजिटल शासन व्यवस्था में बदलावकारी क्षमता है और अफ्रीकी देशों के साथ इंडिया स्टैक पर सहयोग के अवसर बढ़ रहे हैं। इसके अतिरिक्त, अंतरिक्ष तकनीक, ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को उन्होंने सहयोग के नए क्षेत्रों के रूप में रेखांकित किया। डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में सहयोग से सार्वजनिक सेवाओं की पहुंच बढ़ाने, प्रशासनिक प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने और विकास से जुड़ी नई संभावनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में भी भारत की भूमिका
विदेश मंत्री ने अफ्रीका की स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने के लिए भारत के प्रयासों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने वैक्सीन सहायता, दवा उद्योग में निवेश और कैंसर के उपचार में इस्तेमाल होने वाली भाभाट्रॉन मशीनों के उपहार का उल्लेख किया। स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग भारत-अफ्रीका साझेदारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। दवाओं, चिकित्सा तकनीक और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी पहलों के माध्यम से दोनों पक्ष इस क्षेत्र में अपनी साझेदारी को आगे बढ़ा रहे हैं।
इथियोपिया के साथ AI और विज्ञान के क्षेत्र में सहयोग
जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक अलग पोस्ट में कहा कि भारत और इथियोपिया की सोच 'AI for All' के दृष्टिकोण से मेल खाती है। उन्होंने इस तकनीक की मदद से विकास और समृद्धि को आगे बढ़ाने की संभावनाओं का भी उल्लेख किया।
अपने इथियोपिया दौरे के दौरान उन्होंने इथियोपिया साइंस म्यूजियम का भी दौरा किया। उन्होंने इसे तकनीक आधारित और ज्ञान केंद्रित अर्थव्यवस्था के निर्माण की दिशा में देश के प्रयासों का प्रतीक बताया। जयशंकर के मुताबिक, विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग आने वाले समय में भारत-इथियोपिया रणनीतिक साझेदारी में अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
तीन अफ्रीकी देशों की यात्रा के अंतिम चरण में इथियोपिया पहुंचे जयशंकर
एस. जयशंकर गुरुवार को कोट डी आइवर से इथियोपिया पहुंचे थे। यह उनकी तीन अफ्रीकी देशों की यात्रा का अंतिम चरण था। इस दौरे में घाना भी शामिल था। उनकी यात्रा के दौरान भारत-अफ्रीका संबंधों में व्यापार, निवेश, औद्योगीकरण, तकनीक, स्वास्थ्य, शिक्षा और क्षमता निर्माण जैसे विषय प्रमुख रहे।
भारत और अफ्रीकी देशों के बीच सहयोग का दायरा पारंपरिक व्यापारिक संबंधों से आगे बढ़कर डिजिटल तकनीक, विज्ञान और नवाचार जैसे क्षेत्रों तक पहुंच रहा है। जयशंकर के संबोधन ने इस बात को रेखांकित किया कि साझा विकास, आत्मनिर्भरता और एक-दूसरे की प्राथमिकताओं का सम्मान भविष्य में इस साझेदारी के अहम आधार बने रहेंगे।