श्रीलंका में रविवार को एक के बाद एक कई बम धमाके हुए। वहीं देर रात कर कई बमों को डिफ्यूज भी किया गया। अब इस मामले में श्रीलंका के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी का कहना है कि रविवार को हुए बम धमाकों के बाद "ये साफ है कि इसमें अंतरराष्ट्रीय तत्व भी शामिल हैं। जांचकर्ताओं को भी संदेह है कि दो से तीन बम का पता लगाना अभी बाकी है।"
राष्ट्रपति सचिवालय में सलाहकार और समन्वय सचिव, शिरल लथिलका ने कहा कि सात संदिग्धों की गिरफ्तारी कोलंबो के सिनेमन ग्रैंड होटल के बाहर संदिग्ध वाहन की आवाजाही पर आधारित हैं। बता दें जिन तीन फाइव स्टार होटलों में ब्लास्ट हुए, उनमें सिनेमन ग्रैंड होटल भी शामिल है।
लथिलका ने कहा कि इस तरह के लगातार हमले कभी गृह युद्ध के समय भी नहीं देखे गए। उन्होंने कहा कि ये बम धमाके भी नाइजीरिया में 2011 में हुए धमाकों जैसे ही थे।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक लथिलका का कहना है कि गिरफ्तार लोगों का हमले में सीधा हाथ नहीं है, इन्हें संदेह के आधार पर हिरासत में लिया गया है। अधिकारी ने कहा, "हमने कोलंबो के एक अपार्टमेंट परिसर में तुरंत एक वाहन का पता लगाया। सुरक्षा बलों ने इमारत को घेर लिया। जब अधिकारी तीसरी मंजिल पर स्थित घर पर जांच के लिए गए तो वहां मौजूद आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से धमाका कर दिया, जिससे सर्च टीम में शामिल दो कांस्टेबल और स्पेशल टास्क फोर्स के अधिकारियों की मौत हो गई।"
सुरक्षा में हुई चूक के सवाल पर उन्होंने कहा, "घटना के सभी पहलुओं पर विस्तार से जांच की जाएगी। सुरक्षा खामियों के बारे में बात करना जल्दबाजी होगी। आतंकवादी हमारे सुरक्षा सिस्टम को समझ गए हैं... हमें इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय तत्वों का हाथ होने का संदेह है। इस हमले के पीछे हम राजनीतिक या धार्मिक एंगल किसी को इंगित नहीं कर रहे हैं। हमने देश के सभी होटलों और मंदिरों की सुरक्षा कड़ी कर दी है। स्थिति नियंत्रण में है। सेना किसी भी तरह की संकट की स्थिति से निपटने के लिए खड़ी है।"
बता दें ईस्टर संडे के दिन श्रीलंका में चर्च और फाइल स्टार होटलों में एक के बाद एक बम धमाके हुए थे। दोपहर तक कुल आठ बम धमाके हुए। वहीं देर रात तक कई बम डिफ्यूज भी किए गए। इन हमलों में अभी तक करीब 290 लोगों की मौत हो गई है और करीब 500 लोग घायल हुए हैं।