इटली और चीन ने रविवार को तीन वर्षीय कार्ययोजना पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत दोनों देश पिछले समझौतों व प्रयोगों को सहयोग के नए स्वरूप में लागू करेंगे। चीन की महत्वकांक्षी बीआरआई परियोजना से इटली के बाहर होने के महीनों बाद प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलनी पांच दिवसीय यात्रा पर बीजिंग पहुंची हैं।
चीनी प्रधानमंत्री ली कियांग के साथ बैठक में मेलनी ने कहा, निश्चित रूप से हमें बहुत काम करना है। मैं आश्वस्त हूं कि यह काम वैश्विक स्तर पर इस जटिल दौर में उपयोगी होने के साथ-साथ बहुपक्षीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण हो सकता है। बैठक के बाद ली ने इतालवी व चीनी व्यापार जगत के नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि चीन की तरफ से अपनी अर्थव्यवस्था को उन्नत करने के प्रयास से उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों की मांग बढ़ेगी। इससे दोनों देशों की कंपनियों के बीच सहयोग के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने चीनी बाजारों को और खोलने तथा यह सुनिश्चित करने का वचन दिया कि विदेशी कंपनियों को चीनी कंपनियों के समान ही व्यवहार मिलेगा।
उल्लेखनीय है कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की महत्वकांक्षी योजना बेल्ट एंड रोड इनीशिएटिव (बीआरआई) से बाहर होने के बाद भी इटली चीन के साथ बेहतर आर्थिक संबंध में रूचि रखता है। मेलनी चीन के साथ संबंधों को सुधारने का प्रयास इसलिए भी कर रही हैं, क्योंकि यूरोपीय संघ के साथ ट्रेड वार की आशंकाएं ऑटो विनिर्माण व अन्य क्षेत्रों में चीनी निवेश के हितों से जुड़ी हैं। इटली की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी स्टेलेंटिस ने मई में घोषणा की थी कि उसने यूरोप में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री शुरू करने के लिए चीनी इलेक्ट्रिक कार स्टार्टअप लीपमोटर के साथ एक संयुक्त उद्यम बनाया है। स्टेलेंटिस मशहूर फिएट कार की निर्माता है।