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China Focused Taiwan Summit: छह देशों के राजनेताओं पर चीन का दबाव, बैठक में न जाने के लिए संदेश और फोन कॉल

Mon, 29 Jul 2024 03:45 AM IST
मेघा झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

ताइवान में आयोजित होने वाले शिखर सम्मेलन में अन्य देशों की प्रतिभागिता कम करने की चीन कोशिश कर रहा है। हाल ही में कई देशों ने जानकारी दी है कि चीन के राजनयिक कुछ देशों पर ताइवान में आयोजित होने वाले शिखर सम्मेलन में शमिल न होने का दबाव डाल रहे हैं
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चीन और ताइवान झंडा - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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ताइवान में आयोजित होने वाले शिखर सम्मेलन में अन्य देशों की प्रतिभागिता कम करने की चीन कोशिश कर रहा है। हाल ही में कई देशों ने जानकारी दी है कि चीन के राजनयिक कुछ देशों पर ताइवान में आयोजित होने वाले शिखर सम्मेलन में शमिल न होने का दबाव डाल रहे हैं। चीन की ओर से लगातार कॉल और मैसेज भेजे जा रहे हैं। 
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चीन के राजनयिक बोलीविया, कोलंबिया, स्लोवाकिया, उत्तरी मैसीडोनिया, बोस्निया और हर्जेगोविना समेत कम से कम छह देशों के राजनेताओं पर ताइवान में होने वाले शिखर सम्मेलन में भाग न लेने का दबाव डाल रहे हैं। इसमें एक अन्य एशियाई देश भी शामिल है। इन देशों के नेताओं ने कहा कि उनके पास ताइवान में होने वाली बैठकों के संबंध में संदेश और फोन कॉल आ रहे हैं, जिसमें उनसे पूछा जा रहा है कि क्या वे ताइवान की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं। इन नेताओं ने चीन की इस हरकत को स्वशासित द्वीप को अलग-थलग करने का प्रयास बताया। कहा जा रहा है कि ताइवान की यात्रा से टकराव पैदा होंगे। शिखर सम्मेलन सोमवार से शुरू हो रहा है। इसे अंतर-संसदीय गठबंधन की ओर से आयोजित किया जा रहा है। अंतर-संसदीय गठबंधन 35 देशों के सैकड़ों सांसदों का समूह है। लोकतंत्र के प्रति बीजिंग का बर्ताव इसकी प्रमुख चिंता है।

ताइवान समर्थकों को कार्रवाई की धमकी देता है चीन
चीन अक्सर उन नेताओं और देशों को कार्रवाई की धमकी देता है, जो ताइवान के प्रति समर्थन दिखाते हैं। वह ताइवान को अपना हिस्सा बताता है। चीन और ताइवान के विदेश मंत्रालयों ने अभी इस पर टिप्पणी नहीं की है। चीन पर अंतर-संसदीय गठबंधन को लंबे समय से चीन सरकार के दबाव का सामना करना पड़ा है। 2021 में चीन के सरकार प्रायोजित हैकरों ने इस समूह को निशाना बनाया था।
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