पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच इस्राइल ने लेबनान सीमा पर अपनी सैन्य रणनीति और आक्रामक कर दी है। इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दक्षिणी लेबनान में बनाए गए बफर जोन को और विस्तार देने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि इस कदम का मकसद उत्तर दिशा में सुरक्षा हालात को पूरी तरह बदलना है।
नेतन्याहू ने उत्तरी कमान से जारी वीडियो संदेश में कहा कि उन्होंने सेना को मौजूदा सुरक्षा क्षेत्र को और बढ़ाने का निर्देश दिया है। उन्होंने साफ कहा कि इस्राइल अब अपनी उत्तरी सीमा पर किसी भी खतरे को बर्दाश्त नहीं करेगा। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब सीमा पर लगातार झड़पें हो रही हैं और हालात और बिगड़ने का खतरा बना हुआ है।
क्या है बफर जोन और क्यों बढ़ाया जा रहा है?
बफर जोन एक ऐसा इलाका होता है, जिसे सुरक्षा के लिहाज से खाली या नियंत्रित रखा जाता है। इस्राइल इसे अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी मानता है। नेतन्याहू का कहना है कि इस इलाके को बढ़ाने से सीमा पार से होने वाले हमलों को रोका जा सकेगा और सेना को बेहतर नियंत्रण मिलेगा।
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सीमा पर हालात कितने तनावपूर्ण हैं?
इस्राइल और लेबनान के बीच पिछले कुछ समय से लगातार तनाव बना हुआ है। सीमा पर कई बार गोलीबारी और हमले हो चुके हैं। इन घटनाओं के कारण पूरे क्षेत्र में बड़े संघर्ष की आशंका बढ़ गई है। यही वजह है कि इस्राइल अब सुरक्षा को लेकर और सख्त कदम उठा रहा है।
क्या इस फैसले से बढ़ सकता है टकराव?
विशेषज्ञों का मानना है कि बफर जोन बढ़ाने से तनाव और बढ़ सकता है। लेबनान और इस क्षेत्र के अन्य समूह इस कदम का विरोध कर सकते हैं। इससे सीमा पर संघर्ष और तेज होने का खतरा है, जो पूरे पश्चिम एशिया को प्रभावित कर सकता है।
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इस्राइल का आगे का प्लान क्या है?
नेतन्याहू ने कहा कि इस्राइल अपनी सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि सेना को और मजबूत किया जाएगा और सीमा पर निगरानी बढ़ाई जाएगी। सरकार का फोकस यह सुनिश्चित करना है कि उत्तरी सीमा पूरी तरह सुरक्षित रहे।
क्या क्षेत्र में बड़े युद्ध का खतरा है?
सीमा पर बढ़ते तनाव के कारण बड़े युद्ध की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि अभी तक स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर नहीं हुई है, लेकिन हालात संवेदनशील बने हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
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