Israel: गाजा में हवाई हमले में एक परिवार के कई सदस्य मारे गए, जिसके बाद इस्राइल ने अपनी सेना को गाजा में और अंदर घुसने का आदेश दिया। उधर, इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजािन नेतन्याहू को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका मिला, जब कोर्ट ने शिन बेट के प्रमुख को बर्खास्त करने पर अस्थायी रोक लगा दी।
गाजा में शुक्रवार को हवाई हमले में एक परिवार के कई सदस्य मारे गए। इसके बाद इस्राइल ने अपनी थल सेना को गाजा में और अंदर तक घुसने का आदेश दिया। साथ ही यह भी कहा कि वह गाजा के और अधिक क्षेत्र को कब्जे में लेता रहेगा, जब तक हमास उसके बचे हुए बंधकों को रिहा नहीं कर देता।
विज्ञापन
विस्फोट गाजा सिटी के पूर्व में इमारत में हुआ, जिसमें एक दंपति और उनके दो बच्चे, साथ ही दो परिवारों के बच्चे मारे गए। सभी एक ही इमारत में रह रहे थे। स्थानीय अस्पताल और चश्मदीदों के मुताबिक, ये सभी लोग विस्फोट में ही मारे गए। इस्राइली सेना ने इस हमले पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की है।
उत्तर और दक्षिण गाजा को बांटने वाले एक गलियारे के हिस्से को दोबारा नियंत्रण में लेने के बाद इस्राइली सैनिकों ने गुरुवार को उतरी शहर बीत लहिया और दक्षिणी सीमा शहर रफा की ओर बढ़ना शुरू किया। सेना ने कहा कि उसने गाजा सिटी सहित उत्तरी गाजा पर फिर से नाकाबंदी लागू कर दी है।
इस्राइल के रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने शुक्रवार को कहा कि इस्राइल गाजा में अभियान को तेज करेगा, जब तक कि हमास बंधकों को रिहा नहीं करता। उन्होंने कहा, जितना अधिक हमास बंधकों को रिहा करने से इनकार करेगा, उतना ही अधिक क्षेत्र उसे इस्राइल के हाथों खोना पड़ेगा।
इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को उस समय बड़ा झटका लगा, जब सुप्रीम कोर्ट ने आंतरिक खुफिया एजेंसी शिन बेट के प्रमुख रोनन बार को बर्खास्त करने के सरकार के फैसले पर अस्थायी रोक लगा दी। नेतन्याहू के मंत्रिमंडल ने उनकी बर्खास्तगी को मंजूरी दे दी थी। कोर्ट ने कहा कि इस मामले की सुनवाई आठ अप्रैल से पहले होगी।
नेतन्याहू का कार्यालय पहले कह चुका था कि रोनन बार की बर्खास्तगी 10 अप्रैल को होगी, लेकिन अगर कोई नया अधिकारी मिल जाता है तो यह पहले भी हो सकती है। इस्राइल के अटॉर्नी जनरल ने कहा कि मंत्रिमंडल के पास रोनन बार को बर्खास्त करने का कोई आधार नहीं है। शिन बेट की एक रिपोर्ट में सात अक्तूबर 2023 के हमले में सुरक्षा एजेंसी की विफलता को स्वीकार किया गया था, लेकिन इसने कहा था कि नेतन्याहू सरकार की नीतियों ने हमले के लिए स्थितियां पैदा की थीं।