इस्राइल की तरफ से गाजा पट्टी में रातभर किए गए हवाई हमले में 12 लोगों मौत हुई है। फलस्तीनी चिकित्सा अधिकारियों ने रविवार को इस्राइल के हमलों की जानकारी दी है। इस बीच, इस्राइली पुलिस ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के निजी आवास पर फ्लेयर दागे जाने के मामले में तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।
गाजा और लेबनान में तनाव बढ़ा
गाजा में हमलों के अलावा, इस्राइली वायुसेना (आईडीएफ) ने लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों को निशाना बनाया। सेना ने वहां के सात मकानों को खाली करने की चेतावनी दी थी। यह क्षेत्र हिजबुल्ला का गढ़ माना जाता है। लेबनान के अधिकारी फिलहाल अमेरिका की तरफ से प्रस्तावित संघर्ष-विराम पर विचार कर रहे हैं।
वहीं पीएम नेतन्याहू के परिवार के गैर-मौजूदगी के दौरान उनके घर पर दो फ्लेयर्स दागे गए। इस्राइल पुलिस ने संदिग्धों के बारे में जानकारी नहीं दी, लेकिन संकेत दिया कि यह घरेलू राजनीतिक विरोधियों का काम हो सकता है। इस्राइल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जौग ने इस घटना की निंदा की और सार्वजनिक क्षेत्र में बढ़ती हिंसा के खिलाफ चेतावनी दी।
पीएम नेतन्याहू के खिलाफ बढ़ा विरोध
इस्राइली पीएम नेतन्याहू को हमास के 7 अक्तूबर 2023 के हमले और बंधक संकट से निपटने को लेकर तीव्र आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। आलोचकों का कहना है कि सुरक्षा में चूक और हमास के साथ बंधकों को रिहा करने के लिए समझौता न करने की जिम्मेदारी उनकी है।
न्याय प्रणाली में सुधार की मांग
न्याय मंत्री यारीव लेविन ने इस घटना के बाद न्यायिक सुधार योजना को पुनर्जीवित करने की मांग की। उनका कहना है कि यह सुधार लोकतंत्र को मजबूत करेगा, लेकिन विपक्ष इसे नेतन्याहू के सत्ता केंद्रित कदम के रूप में देखता है।
गाजा में हवाई हमले से तबाही
गाजा के नुसैरात और बुरेज शरणार्थी शिविरों में इस्राइली हमले में छह और चार लोगों की मौत हुई। वहीं, गाजा के उत्तर-दक्षिण राजमार्ग पर एक अन्य हमले में दो लोगों की मौत हुई। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, युद्ध में अब तक लगभग 43,800 फलस्तीनी मारे गए हैं। इनमें महिलाएं और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हैं।
लेबनान में भी संघर्ष गहराया
इस्राइली सेना ने लेबनान में दक्षिणी गांवों के निवासियों से वहां से निकलने की अपील की है। हिजबुल्ला के हमलों और इस्राइली जवाबी कार्रवाई में 3,400 से अधिक लोगों की मौत हुई है। यह संघर्ष पूरे क्षेत्र में मानवीय संकट को बढ़ा रहा है और समाधान की संभावना अभी भी धूमिल है।