इस्राइल बिल्डर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष, हैम फीग्लिन ने वीओए के हवाले से कहा था, 'अभी, हम भारत के साथ बातचीत कर रहे हैं। हम उसे मंजूरी देने के लिए इस्राइली सरकार के फैसले का इंतजार कर रहे हैं
इस्राइल के निर्माण उद्योग ने कथित तौर पर सरकार से कंपनियों को 90 हजार फलस्तीनियों के स्थान पर भारत से एक लाख श्रमिकों को काम पर रखने की अनुमति देने के लिए कहा है। गौरतलब है, कि इस्राइली निर्माण क्षेत्र इस समय श्रमिकों की कमी से जूझ रहा है और 7 अक्तूबर को इस्राइल पर फलस्तीनी आतंकी संगठन हमास के हमले के बाद से इस्राइल अपने यहां काम कर रहे फलस्तीनी कामगारों को भगा रहा है।
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विदेश मंत्री से नहीं मिली कोई प्रक्रिया
इस्राइल बिल्डर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष, हैम फीग्लिन ने वीओए के हवाले से कहा था, 'अभी, हम भारत के साथ बातचीत कर रहे हैं। हम उसे मंजूरी देने के लिए इस्राइली सरकार के फैसले का इंतजार कर रहे हैं और हमें उम्मीद है कि पूरे क्षेत्र को चलाने और इसे सामान्य स्थिति में लाने के लिए हम भारत से 50 हजार से एक लाख श्रमिकों को शामिल करेंगे।' हालांकि, भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस रिपोर्ट पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
फीग्लिन ने कहा, 'हम युद्ध में हैं और फलस्तीनी श्रमिक, जो इस क्षेत्र में हमारे मानव संसाधनों का लगभग 25 प्रतिशत हैं, नहीं आ रहे हैं, उन्हें इस्राइल में काम करने की अनुमति नहीं है।' इस बीच, इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि हमास द्वारा बंधकों की रिहाई के बिना कोई युद्धविराम नहीं होगा। इस्राइली प्रधानमंत्री ने गुरुवार को 'एक्स' पर लिखा, 'हमारे बंधकों की रिहाई के बिना कोई युद्धविराम नहीं होगा।'
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आईडीएफ ने नष्ट की 130 सुरंग
इस्राइल रक्षा बल (आईडीएफ) ने बुधवार को कहा, 'हम हमास को जीतने नहीं देंगे, हम दक्षिणी इस्राइल में अपने समुदायों का पुनर्निर्माण करेंगे और हम अपना जीवन जीना जारी रखेंगे।' आईडीएफ ने आगे कहा कि जमीनी आक्रमण की शुरुआत के बाद से लड़ाकू इंजीनियरों ने गाजा में 130 हमास सुरंगों का पता लगाया और उन्हें नष्ट कर दिया है। इसके अलावा, कमांड सेंटर जैसे अन्य भूमिगत हमास बुनियादी ढांचे को भी नष्ट कर दिया गया।