इस्राइल ने ऑपरेशन राइजिंग लॉयन के तहत ईरानी सैन्य और परमाणु ठिकानों पर हवाई हमले किए। ईरान ने इसके जवाब में ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 3 शुरू किया और इस्राइल के बुनियादी ढांचे के खिलाफ मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इस्राइली सेना ने ऑपरेशन राइजिंग लॉयन को सफल बताया है।
ईरान इस्राइल संघर्ष विराम के बाद दोनों देश अपनी-अपनी सेनाओं की बहादुरी का दावा कर रहे हैं। अब सर्वोच्च ईरानी नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के दावे को इस्राइली सेना (आईडीएफ) ने खारिज किया है। आईडीएफ ने कहा कि ऑपरेशन राइजिंग लॉयन इस्राइल के इतिहास में सबसे साहसी और सफल अभियान रहा। इससे पहले खामेनेई ने दावा किया था कि ईरान ने इस्राइल को करारा जवाब दिया।
विज्ञापन
एक्स पर साझा किए गए एक वीडियो संदेश में इस्राइल रक्षा बल (आईडीएफ) के चीफ ऑफ द जनरल स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जमीर ने कहा कि ऑपरेशन के दौरान इस्राइल ने ईरान में अंदर तक घुसकर हमला किया। हमने ईरान के सैन्य परमाणु कार्यक्रम और बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं को पीछे धकेल दिया। आईडीएफ ने उन लोगों को खत्म कर दिया जिन्होंने इस्राइल को नष्ट करने का प्रयास किया था।
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन के दौरान वह अपने अमेरिकी समकक्ष के संपर्क में रहे। उन्होंने ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के लिए अमेरिकी सेना की सराहना की। उन्होंने इस ऑपरेशन को सटीक, शक्तिशाली और महान उपलब्धियां हासिल करने वाला बताया। जमीर ने कहा कि आईडीएफ ने इस्राइल के अस्तित्व के खतरे का सामना करने के लिए ऑपरेशन राइजिंग लॉयन शुरू किया। 12 दिनों में हमने सटीकता के साथ काम किया और अपने लक्ष्यों को पूरा किया।
उन्होंने कहा कि तेहरान के आसमान में काम करते हुए हमने छह अन्य मोर्चों पर भी बहुत कुछ किया। गाजा में 50 बंधक अभी भी हमास के कब्जे में हैं। उन्हें घर वापस लाना और हमास को खत्म करना हमारा मिशन है। मैं आईडीएफ के बहादुर सैनिकों को सलाम करता हूं, जिन्होंने साहस के साथ चुनौती का सामना किया। ऑपरेशन राइजिंग लॉयन को इतिहास में इस्राइल के सबसे साहसी और सफल ऑपरेशनों में से एक के रूप में याद किया जाएगा। आईडीएफ इस्राइल के लोगों की रक्षा करता रहेगा और हमारे राज्य और भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
13 जून को इस्राइल-ईरान के बीच शुरू हुआ था संघर्ष
बता दें कि ईरान और इस्राइल के बीच 13 जून को संघर्ष शुरू हुआ था, जब इस्राइल ने ऑपरेशन राइजिंग लॉयन के तहत ईरानी सैन्य और परमाणु ठिकानों पर हवाई हमले किए। ईरान ने इसके जवाब में ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 3 शुरू किया और इस्राइल के बुनियादी ढांचे के खिलाफ मिसाइल और ड्रोन हमले किए। फिर अमेरिका ने भी दोनों के युद्ध में एंट्री ली और ईरान के तीन परमाणु ठिकानों- फोर्डो, नतांज और इस्फहान पर सटीक हमले किए। मंगलवार (भारतीय समयानुसार) को ट्रंप ने ईरान और इस्राइल के बीच युद्धविराम समझौते की घोषणा की। यह तब हुआ जब ईरान ने अमेरिकी हमलों के जवाब में कतर और ईरान में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हमला किया था।