इस्राइल के रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने कहा है कि वे ग्रेटा थनबर्ग और अन्य कार्यकर्ताओं को गाजा पट्टी पहुंचने नहीं देंगे। यह सभी कार्यकर्ता मैडलिन नाम के एक सहायता नौका पर सवार हैं, जो गाजा की समुद्री नाकेबंदी तोड़कर मानवीय सहायता पहुंचाने की कोशिश कर रही है।
इटली के सिसिली तट से रवाना हुआ सहायता जहाज
ग्रेटा थनबर्ग, जो एक जानी-मानी जलवायु कार्यकर्ता हैं, 12 अन्य कार्यकर्ताओं के साथ इस मिशन पर निकली हैं। यह जहाज इटली के सिसिली तट से पिछले रविवार को रवाना हुआ था। इस मिशन का मकसद गाजा में बढ़ती मानवीय संकट की ओर दुनिया का ध्यान आकर्षित करना है।
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हमास में हथियारों की आपूर्ति के लिए गाजा में नाकेबंदी- काट्ज
नौका में सवार फ्रांसीसी संसद सदस्य रीमा हसन भी हैं, जो फलस्तीनी मूल की हैं। उन्हें पहले ही इस्राइल में घुसने से प्रतिबंधित कर दिया गया है क्योंकि उन्होंने इस्राइल की फलस्तीन नीति का विरोध किया है। इस्राइली मंत्री ने कहा कि गाजा की नाकेबंदी इसलिए की गई है ताकि हमास को हथियारों की आपूर्ति रोकी जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी उस नाकेबंदी को तोड़ने की कोशिश करेगा तो उसे रोका जाएगा।
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मई महीने में एक नाव पर किया गया था ड्रोन हमला
इससे पहले, मई में इसी संगठन की एक और नौका को समुद्र में ड्रोन हमले का सामना करना पड़ा था, जिसमें जहाज का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। कार्यकर्ताओं ने इस हमले के लिए इस्राइल को जिम्मेदार ठहराया था। हालांकि, इस्राइल ने हाल ही में कुछ बुनियादी मदद गाजा में जाने दी है, लेकिन राहत कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि अगर युद्ध और नाकेबंदी जल्द खत्म नहीं हुई तो वहां भुखमरी जैसे हालात बन सकते हैं।
इस्राइली गोलीबारी में पांच लोगों की मौत
गाजा पट्टी में इस्राइल और अमेरिका समर्थित समूह की तरफ से संचालित राहत सहायता वितरण केंद्र से लगभग एक किलोमीटर दूर इस्राइली गोलीबारी में कम से कम पांच लोग मारे गए और कुछ अन्य घायल हुए हैं। फलस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने यह जानकारी दी। वहीं इस्राइली सेना ने कहा कि उसने अपने सैनिकों के नजदीक आने वाले लोगों पर चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाईं।
जानकारी के मुताबिक, गाजा के दक्षिणी शहर खान यूनिस के नासिर अस्पताल में चार शव लाए गए। वहां मौजूद फलस्तीनी प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इस्राइली सेना ने उन पर गोलीबारी की थी। मामले में इस्राइली सेना ने कहा कि उसने उन लोगों पर चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाईं जो संदिग्ध थे। इसने कहा कि वे उसकी सेना की ओर बढ़ रहे थे और पीछे हटने की चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया था।