इस्राइल ने गाजा पट्टी में दो प्रमुख अस्पतालों के बाहर रात भर टेंटों पर हमला किया, जिसमें एक स्थानीय रिपोर्टर समेत कम से कम दो लोगों की मौत हो गई और छह पत्रकार समेत नौ अन्य घायल हो गए है। अस्पतालों के अनुसार, पूरे क्षेत्र में अलग-अलग हमलों में 28 अन्य लोग मारे गए। पिछले महीने हमास के साथ युद्ध विराम खत्म होने के बाद से इस्राइल ने गाजा में हमले तेज कर दिए हैं और जमीनी बलों ने नए सैन्य क्षेत्र बनाए हैं।
यह भी पढ़ें -
Rahul Gandhi: 'ट्रंप ने भ्रम का पर्दाफाश किया, लेकिन हमें...,' बाजार में जारी उथल-पुथल के बीच बोले राहुल
अलग-अलग हमलों में 28 लोगों की मौत
एक स्थानीय अस्पताल ने बताया कि खान यूनिस में नासिर अस्पताल के बाहर लगे मीडिया टेंट पर रात के करीब 2 बजे हमला हुआ। टेंट में आग लग गई, जिससे फलस्तीन टुडे टीवी स्टेशन के पत्रकार यूसुफ अल-फकावी और एक अन्य व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गयी। इस हमले में छह रिपोर्ट घायल हुए हैं। रात भर के हमलों में और 13 लोगों की मौत हुई है, जिनमें औरतें और बच्चे शामिल हैं। वहीं डेर अल-बलाह के अल-अक्सा शहीद अस्पताल के किनारे लगे टेंटों पर हुए हमले में तीन लोग घायल हो हुए हैं। अस्पताल ने बताया कि शहर के एक घर पर हमला हुआ, जिसमें दो लोगों की मौत हो गयी।
IDF ने क्या दी सफाई
इस्राइल सेना ने बताया कि उन्होंने हमास के एक लड़ाके पर हमला किया था। उनका कहना है कि वह आम नागरिकों को नुकसान पहुंचाना नहीं चाहती है, हमास के आवासीय क्षेत्रों में घुसे रहने की वजह से आम लोग मारे जाते हैं। इस्राइल ने कई बार अस्पतालों को निशाना बनाया है। उनका आरोप रहता है कि हमास इसे अपने मतलब के लिए इस्तेमाल करता है, जबकि अस्पताल के कर्मचारी इसका खंडन करते आ रहे हैं।
इस्राइल की मांग
इस्राइल पिछले महीने हुए शांति समझौते को तोड़ दिया है। वह बचे हुए 24 बंधकों की रिहाई की मांग कर रहा है साथ ही हमास को हथियार डालने के लिए सैन्य दबाव बना रहा है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का कहना है कि मांग पूरी होने के बाद वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस प्रस्ताव को लागू करेंगे, जिसमें गाजा की अधिकतर आबादी को दूसरे देशों में बसाया जाएगा। नेतन्याहू सोमवार को वाशिंगटन में ट्रंप से गाजा और दूसरे मुद्दों पर चर्चा करने के लिए मुलाकात करेंगे। इस पर फलस्तीनियों का कहना है कि वे अपनी जमीन को नहीं छोड़ना चाहते हैं। मानवाधिकार विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह प्रस्ताव अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करता है।
यह भी पढ़ें -
Weather in India: उत्तर भारत में गर्मी का अलर्ट, दक्षिण के राज्यों में राहत; देश में क्या है मौसम का अनुमान?
इस्राइली हमलों में अब तक 50 हजार फलस्तीनियों की मौत
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इस्राइल की तरफ से हुए हमलों ने 50 हजार से अधिक फलस्तीनियों की जान ले ली, जिनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं। उन्होंने यह नहीं बताया कि इनमें कितने आम नागरिक और लड़ाके शामिल हैं। इस्राइल ने बिना किसी सबूत के बताया कि उसने हमास के करीब 20 हजार लड़ाकों का खात्मा किया है।