डैनी डैनन ने कहा कि 'सच तो यह है कि ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान में मारा गया था और किसी ने अमेरिका की निंदा नहीं की। और जब इस परिषद के अन्य देश आतंकवादियों पर हमला करते हैं, तो कोई उनकी निंदा नहीं करता। यही दोहरे मानदंड हैं। जब आप अपने लिए लागू मानकों से अलग मानक इस्राइल पर लागू करते हैं।'
इस्राइल ने पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते हुए उस पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। इस्राइल ने कहा कि पाकिस्तान इस तथ्य को नहीं बदल सकता कि खूंखार आतंकी ओसामा बिन लादेन उनकी धरती पर मारा गया। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच जमकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। दरअसल पाकिस्तान ने कतर में इस्राइली हमले की निंदा की और पूछा कि 'विदेशी धरती पर आतंकवादी को निशाना क्यों बनाया गया?' इस पर इस्राइली राजदूत ने तीखा जवाब देते हुए पाकिस्तानी प्रतिनिधि की बोलती बंद कर दी। इस्राइली प्रतिनिधि डैनी डैनन ने कहा कि 'जब ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान में मार गिराया गया था, तब तो सवाल यह नहीं पूछा गया था कि विदेशी धरती पर एक आतंकवादी को क्यों निशाना बनाया गया?'
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संयुक्त राष्ट्र की बैठक में इस्राइल ने पाकिस्तान को लताड़ा
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की न्यूयॉर्क शहर में हुई बैठक,ओसामा बिन लादेन द्वारा आयोजित 9/11 के आतंकवादी हमलों की 24वीं बरसी पर हुई। इस बैठक में इस्राइली और पाकिस्तान के दूतों के बीच तीखी बहस हुई। यह बहस गुरुवार को कतर की राजधानी दोहा में हुए हमले को लेकर हुई, जिसमें इस्राइल ने हमास नेताओं को निशाना बनाया। अपने संबोधन में पाकिस्तान के दूत आसिम इफ्तिखार अहमद ने कतर के खिलाफ इस्राइल के हमले को अवैध और अकारण आक्रामक करार दिया और हमले की कड़ी निंदा की। पाकिस्तान ने कहा कि निरंतर आक्रामकता क्षेत्रीय शांति को कमजोर करती है। पाकिस्तानी दूत ने गाजा में इस्राइली सैन्य कार्रवाइयों को क्रूर बताया और कहा कि सीरिया, लेबनान, ईरान और यमन पर बार-बार हमले कर इस्राइल ने अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन किया है।
इस्राइल ने पाकिस्तान की बोलती बंद की
पाकिस्तान के आरोपों का जवाब देते हुए इस्राइल के स्थायी प्रतिनिधि डैनी डैनन ने पाकिस्तान के राजदूत आसिम इफ्तिखार अहमद की ओर हाथ उठाते हुए कहा, 'जब बिन लादेन को पाकिस्तान में मारा गया था, तो तब यह सवाल क्यों नहीं पूछा गया था कि विदेशी धरती पर एक आतंकवादी को क्यों निशाना बनाया गया? सवाल यह था कि आखिर एक आतंकवादी को पनाह क्यों दी गई? बिन लादेन को कोई छूट नहीं थी, और हमास को भी कोई छूट नहीं मिल सकती।' इस्राइल ने पाकिस्तान पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने याद दिलाया कि 9/11 के हमले के बाद सुरक्षा परिषद ने एक प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें कहा गया था कि कोई भी देश आतंकवादियों को पनाह नहीं देगा, न ही उन्हें धन देगा और न ही उन्हें पनाह देगा।
इस्राइली राजदूत ने सुरक्षा परिषद पर उठाए सवाल
डैनी डैनन ने कहा कि 'सच तो यह है कि ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान में मारा गया था और किसी ने अमेरिका की निंदा नहीं की। और जब इस परिषद के अन्य देश आतंकवादियों पर हमला करते हैं, तो कोई उनकी निंदा नहीं करता। यही दोहरे मानदंड हैं। जब आप अपने लिए लागू मानकों से अलग मानक इस्राइल पर लागू करते हैं, तो यही इस संस्था की समस्या है।' अमेरिकी सेना ने मई 2011 में पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के एबटाबाद में एक विशेष अभियान चलाकर बिन लादेन को मार गिराया था।