तुर्मुस अय्या, जिसकी आबादी मुख्यत फलस्तीनी है। यह इलाका लंबे समय से इस्राइल के बसने वाले लोगों के हमलों का निशाना रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस्राइल-हमास युद्ध के दौरान हिंसा और भी बदतर हो गई।
इस्राइल और हमास के बीच संघर्ष विराम के बाद बेशक गाजा में शांति हो गई है, लेकिन अभी भी नफरत और तनाव का माहौल बरकरार है। हाल ही में फलस्तीन के वेस्ट बैंक इलाके में जब कुछ फलस्तीनी किसान जैतून की फसल देखने पहुंचे तो वहां इस्राइली कैंपों में रहने वाली इस्राइली नागरिकों ने कथित तौर पर उन पर हमला किया। इस हमले में एक महिला गंभीर रूप से घायल हुई है और अन्य लोगों को भी चोट आई है।
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वेस्ट बैंक के इस इलाके में अक्सर होती हैं हिंसक झड़पें
वेस्ट बैंक के जिस इलाके तुर्मुस अय्या में ये झड़प हुई, वह पश्चिमी तट पर स्थित इस्राइली कब्जे वाला इलाका है। इस इलाके में फलस्तीनी किसान कथित तौर पर अपनी जैतून की फसल काटने पहुंचे थे, लेकिन इस्राइली नागरिकों ने उन पर हमला कर दिया। हमले में घायल महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसकी हालत गंभीर है। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है।
जैतून फसल कटाई के मौसम में ज्यादा होती हैं हिंसक घटनाएं
फलस्तीनियों का कहना है कि इस क्षेत्र में हिंसा बढ़ती जा रही है। संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार समूहों ने जैतून की फसल कटाई के मौसम की शुरुआत और फलस्तीनी किसानों के बढ़ते जोखिम को देखते हुए चिंता जताई है। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में दिख रहा है कि, एक नकाबपोश व्यक्ति जैतून के बाग में दौड़ता हुआ और कम से कम दो लोगों को डंडे से पीटते हुए दिखाई दे रहा है, जिनमें एक महिला भी शामिल है, जो जमीन पर बेसुध पड़ी है। नकाबपोश व्यक्ति यहूदियों के एक पारंपरिक झालरदार वस्त्र, त्जित्जित पहने हुए दिख रहा है। रामल्लाह स्थित फलस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि महिला को गंभीर चोटों के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
वेस्ट बैंक के पश्चिमी तट पर इस्राइल का कब्जा
तुर्मुस अय्या, जिसकी आबादी मुख्यत फलस्तीनी है। यह इलाका लंबे समय से इस्राइल के बसने वाले लोगों के हमलों का निशाना रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस्राइल-हमास युद्ध के दौरान हिंसा और भी बदतर हो गई। तुर्मुस अय्या एक घाटी में बसा है जिसके चारों ओर इस्राइली बस्तियां और चौकियां हैं। संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि 2025 की पहली छमाही में इस्राइली नागरिकों के हमलों की 757 घटनाएं हुईं। पिछले वर्ष की तुलना में इस साल हिंसा की घटनाओं में 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। हिंसा के दौरान जैतून के पेड़ उखाड़े गए और कई को रसायनों की मदद से सुखा दिया गया। गौरतलब है कि साल 1967 के मध्य-पूर्व युद्ध में इस्राइल ने पूर्वी यरुशलम और गाजा पट्टी के साथ-साथ पश्चिमी तट पर भी कब्जा कर लिया था।