इस्राइली सेना ने गुरुवार को बताया कि दक्षिणी गाजा पट्टी में उसके चार सैनिक मारे गए हैं। गाजा सिटी में बड़े सैन्य अभियान की शुरुआत के बाद यह पहली बार है जब सैनिकों की मौत की पुष्टि हुई है। इस ऑपरेशन को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी नाराजगी और विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
इस्राइल और हमास के बीच जारी संघर्ष के बीच गुरुवार को इस्राइली सेना ने पुष्टि की कि दक्षिणी गाजा पट्टी में उसके चार सैनिक मारे गए हैं। गाजा सिटी में इस्राइल की तरफ से बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू करने के बाद यह पहला मौका है जब किसी सैनिक की मौत की आधिकारिक घोषणा की गई है। यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब गाजा के उत्तरी हिस्से में भीषण लड़ाई और हवाई हमले जारी हैं।
दक्षिणी गाजा में हमास के लड़ाके कर रहे प्रतिरोध
इस्राइली सेना ने फिलहाल इस हमले के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी है और न ही यह बताया है कि यह घटना किस इलाके में हुई। हालांकि सैन्य सूत्रों का कहना है कि दक्षिणी गाजा के कई हिस्सों में हमास के लड़ाके लगातार प्रतिरोध कर रहे हैं और जमीन पर इस्राइली सैनिकों को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
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इस्राइल के नए अभियान का हो रहा विरोध
गाजा सिटी में चल रहे इस नए अभियान ने न केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बल्कि इस्राइल के भीतर भी भारी विरोध को जन्म दिया है। कई देशों ने इस अभियान को रोकने की मांग की है और इसे मानवीय संकट को और गहरा करने वाला कदम बताया है। गाजा पट्टी में पिछले कई दिनों से लगातार बमबारी और जमीनी अभियान के चलते बड़ी संख्या में नागरिकों के हताहत होने की खबरें आ रही हैं।
इस्राइल में हजारों की संख्या में लोग रहे प्रदर्शन
इस्राइल के भीतर भी हालात तनावपूर्ण हैं। हजारों लोगों ने सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया, जिसमें युद्ध को समाप्त करने और बंधकों की सुरक्षित वापसी की मांग की गई। आलोचकों का कहना है कि लंबे समय तक जारी यह संघर्ष सैनिकों और बंधकों दोनों की जान को गंभीर खतरे में डाल रहा है।
सैनिकों की मौत से सरकार पर बढे़गा दबाव
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दक्षिणी गाजा में चार सैनिकों की मौत की ताजा खबर से इस्राइली सरकार पर दबाव और बढ़ेगा। यह घटनाक्रम प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की रणनीति पर भी सवाल खड़े कर सकता है, क्योंकि अब जनता के बीच यह चिंता गहराती जा रही है कि यह युद्ध कब और कैसे समाप्त होगा। संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भी इस संघर्ष को रोकने और गाजा में मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए तत्काल कदम उठाने की अपील की है। लेकिन फिलहाल जमीनी हालात इस ओर इशारा नहीं करते कि हिंसा में जल्द ही कोई कमी आएगी।