इस्राइल पीएम नेतन्याहू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
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इस्राइल के विपक्ष दलों ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से आग्रह किया है कि वे मौजूदा राजनीतिक संकट का समाधान करें ताकि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेसेट (इस्राइल की संसद) में संबोधन के दौरान उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो सके। मोदी बुधवार से इस्राइल दौरे पर रहेंगे और इस दौरान उनके कार्यक्रमों में इस्राइल की संसद (नेसेट) में उनका संबोधन भी शामिल है।
इस्राइल का विपक्ष प्रोटोकॉल के अनुसार मांग कर रहा है कि देश के सर्वोच्च न्यायालय के अध्यक्ष यित्जाक एमिट को मोदी के संसदीय संबोधन में आमंत्रित किया जाए, अन्यथा वे कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे। नेसेट के अध्यक्ष ओहाना ने स्पष्ट किया है कि एमिट को भाषण में शामिल होने के लिए आमंत्रित नहीं किया गया है।
विपक्ष के नेता यायर लैपिड ने सोशल मीडिया पर लिखा, भारतीय प्रधानमंत्री मोदी के नेसेट दौरे में 24 घंटे शेष हैं, और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अभी तक सुप्रीम कोर्ट और विपक्ष के बहिष्कार के फैसले से उत्पन्न संकट को हल करने के लिए कुछ नहीं किया है।
उन्होंने लिखा, प्रधानमंत्री नेतन्याहू, आपने कल कहा था कि यह देश के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है और यह राजनीति का समय नहीं है, बल्कि चुनौतियों का सामना करने के लिए एकजुट होने का समय है। कृपया ओहाना को फोन कीजिए, उनसे कहिए कि वे सुप्रीम कोर्ट के अध्यक्ष एमिट को आमंत्रित करें। हमें उस कार्यक्रम में आने की अनुमति दें जिसमें हमें उपस्थित होना आवश्यक है और हम उपस्थित होना चाहते हैं। इस्राइल के सबसे महत्वपूर्ण गठबंधनों में से एक को नुकसान पहुंचाने में अपना योगदान न दें।