फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Israel: फलस्तीन के सबसे लोकप्रिय नेता को रिहा नहीं करेगा इस्राइल, हमास की मांग को ठुकराया

Sat, 11 Oct 2025 01:27 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तेल अवीव

सार

गाजा में इस्राइल और हमास के बीच हुए संघर्ष विराम समझौते के तहत इस्राइली सैनिक गाजा से वापसी करेंगे और हमास 20 जीवित इस्राइली बंधकों को रिहा करेगा। बंधकों की रिहाई सोमवार से शुरू हो सकती है।
विज्ञापन
इस्राइल के सैनिक - फोटो : Adobe Stock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इस्राइल ने फलस्तीन के सबसे लोकप्रिय नेता मारवान बरघौती को संघर्ष विराम समझौते के तहत रिहा करने से इनकार कर दिया है। बरघौती उन कैदियों में शामिल नहीं हैं, जिन्हें इस्राइल, संघर्ष विराम समझौते के तहत बंधक बनाए गए लोगों के बदले रिहा करेगा। हमास लंबे समय से बरघौती की रिहाई की मांग कर रहा है। हालांकि इस्राइल ने बरघौती के अलावा अन्य हाई प्रोफाइल कैदियों को भी रिहा करने से इनकार कर दिया है। 
विज्ञापन


हमास ने कहा- रिहाई के लिए मध्यस्थों के साथ बातचीत कर रहे
शुक्रवार को इस्राइली सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर रिहा किए जाने वाले 250 कैदियों की सूची जारी की गई। हालांकि यह साफ नहीं है कि यह सूची अंतिम है या नहीं। हमास के शीर्ष नेता मूसा अबू मरजूक ने बताया कि हमास बरघौती और अन्य हाई-प्रोफाइल हस्तियों की रिहाई पर अड़ा है और मध्यस्थों के साथ बातचीत कर रहा है। इस्राइल, बरघौती को एक आतंकवादी नेता मानता है। बरघौती साल 2004 में इस्राइल में हुए हमलों के सिलसिले में दोषी ठहराए जाने के बाद आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। उस हमले में पांच लोग मारे गए थे।

फलस्तीनियों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं मारवान बरघौती
मारवान बरघौती के बारे में कहा जाता है कि वह इस्राइली कब्जे के खिलाफ सशस्त्र प्रतिरोध का समर्थक है, लेकिन साथ ही वह दो राज्य समाधान का भी समर्थक है। फलस्तीनियों में बरघौती की बेहद लोकप्रियता है। कुछ फलस्तीनी बरघौती की तुलना दक्षिण अफ्रीका के रंगभेद विरोधी नेता नेल्सन मंडेला के साथ करते हैं। यही वजह है कि इस्राइल बरघौती की रिहाई से इनकार कर रहा है। गाजा में इस्राइल और हमास के बीच हुए संघर्ष विराम समझौते के तहत इस्राइली सैनिक गाजा से वापसी करेंगे और हमास 20 जीवित इस्राइली बंधकों को रिहा करेगा। बंधकों की रिहाई सोमवार से शुरू हो सकती है। बंधकों की रिहाई के बदले इस्राइल अपनी जेलों में बंद 250 फलस्तीनियों को रिहा करेगा और साथ ही बीते दो वर्षों में बिना किसी आरोप में पकड़े गए 1700 लोगों को भी रिहा करेगा। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- Nobel Peace Prize: ट्रंप के नाम की एंट्री भेजी गई, फिर भी नोबेल शांति पुरस्कार नहीं! प्रयास पर कैसे फिरा पानी?

रिहा होने वाले कई लोग दो दशक से जेल में बंद
इस्राइल जिन फलस्तीनी कैदियों को रिहा करने जा रहा है और ये हमास और फतह गुट के सदस्य हैं, जिन्हें 2000 के दशक में गिरफ्तार किया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रिहाई के बाद इन लोगों को गाजा या फलस्तीनी क्षेत्र से बाहर निर्वासन में रहना होगा। रिहा किए जा रहे कैदियों में से एक इयाद अबू अल रब का नाम शामिल है। वह एक इस्लामिक जिहाद कमांडर है, जिसे 2003-2005 के बीच इस्राइल में आत्मघाती हमलों की योजना बनाने के आरोप में दोषी ठहराया गया। इसमें 13 लोग मारे गए थे। 
विज्ञापन


रिहा होने वालों में सबसे उम्रदराज और सबसे लंबे समय से जेल में बंद 64 वर्षीय समीर अबू नामा है, जो फतह के सदस्य है और उसे 1986 में गिरफ्तार किया गया था। अबू नामा को इस्राइल में विस्फोटक लगाने के आरोप में दोषी ठहराया गया था। रिहा किए जाने वाले कैदियों में सबसे कम उम्र का मोहम्मद अबू कतीश भी शामिल है। साल 2022 में जब उसे गिरफ्तार किया गया था, तब उसकी उम्र महज 16 साल थी। कतीश को इस्राइली नागरिक को चाकू मारने के आरोप में दोषी ठहराया गया था। 



 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें