इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू
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इस्राइल की वर्तमान सरकार खतरे में है क्योंकि विपक्षी दल एकजुट हो रहे हैं। 12 सालों से प्रधानमंत्री के पद पर बने रहने के बाद अब बेंजामिन नेतन्याहू की कुर्सी खतरे में है। दरअसल, इस्राइल के राष्ट्रवादी कट्टरपंथी नेता व यामीना पार्टी के नफ्ताली बेनेट नफ्ताली बेनेट ने घोषणा की है कि वह एक संभावित गठबंधन सरकार का हिस्सा बनेंगे। अगर ऐसा हुआ तो इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की राजगद्दी छिन सकती है।
इस्राइल की राजनीति में उथल-पुथल
दक्षिणपंथी नेता नेतन्याहू के विरोध में सांसद गठबंधन बना रहे हैं। इस कार्य की तय समय सीमा बुधवार (2 मई) को खत्म हो रही है। ऐसे में गठबंधन प्रक्रिया को लेकर सांसदों के बीच हो रही बातचीत में तेज आई है। 71 साल के नेतन्याहू पर धोखाधड़ी, घूसखोरी और विश्वास के उल्लंघन जैसे आरोप लगाए गए हैं, जिस कारण इस्राइल की राजनीति में उथल-पुथल देखने को मिल रही है। हालांकि, नेतन्याहू हमेशा इन आरोपों से इनकार करते रहे हैं।
दो साल चार चुनाव अनिर्णायक रहे
बता दें, इन आरोपों के बाद बीते दो साल में ही इस्राइल में चार चुनाव हुए जो कि अनिर्णायक रहे। वहीं, हाल ही में गाजा पट्टी में इस्लामिक चरमपंथी समूह हमास के साथ सैन्य संघर्ष के बाद इस्राइल में विपक्ष की गतिविधियों में तेजी आई है। इसी साल मार्च में हुए चुनावों में नेतन्याहू की 'लिकुड पार्टी' को सबसे ज्यादा सीटें मिली थीं, लेकिन वह सरकार बनाने में विफल रहे थे।
परिवर्तन के लिए बना गुट
विपक्षी नेता और पूर्व टीवी एंकर यैर लैपिड के पास विपक्षी पार्टियों का गठबंधन बनाने के लिए अब बुधवार शाम तक का समय है। गौरतलब है कि 57 साल के लैपिड एक विविधतापूर्ण गठबंधन की मांग कर रहे हैं, जिसे इस्राइली मीडिया ने 'परिवर्तन' के लिए एक गुट करार दिया है। मालूम हो कि इसमें कट्टरपंथी नेता बेनेट के साथ-साथ अरब-इजरायल के दूसरे सांसद भी शामिल होंगे। बताते चलें कि लैपिड की पार्टी को 17 सीटें मिली थीं और उन्हें सरकार गठन के लिए 4 हफ्ते का समय मिला था।