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Israel-Iran Conflict: 'सद्दाम हुसैन जैसा हो सकता है खामनेई का अंजाम', इस्राइली रक्षा मंत्री ने दी चेतावनी

Tue, 17 Jun 2025 08:32 PM IST
पवन पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेल अवीव

सार

Israel-Iran Conflict: इस्राइल-ईरान संघर्ष के बीच इस्राइली रक्षा मंत्री ने ईरान के सर्वोच्च नेता को कड़ी चेतावनी दी है। दरअसल, इस्राइली रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने कहा है कि अयातुल्ला अली खामनेई का हश्र इराक के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन जैसा हो सकता है।
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खामनेई को इस्राइली रक्षा मंत्री ने दी चेतावनी - फोटो : ANI
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विस्तार
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इस्राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच इस्राइली रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर खामनेई ने इस्राइल विरोधी रवैया नहीं छोड़ा, तो उनका अंजाम भी इराक के तानाशाह सद्दाम हुसैन जैसा हो सकता है।
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इस्राइली रक्षा मंत्री ने अपने बयान में क्या कहा?
इस्राइल काट्ज ने एक समाचार एजेंसी को दिए बयान में कहा, 'याद रखो उस तानाशाह का अंजाम जो ईरान के पड़ोसी देश में था और जिसने इस्राइल के खिलाफ यही रास्ता अपनाया था।' यह बयान सीधे तौर पर अयातुल्ला अली खामनेई को एक व्यक्तिगत चेतावनी है और यह भी इशारा करता है कि अगर ईरान अपनी नीतियों पर अड़ा रहा, तो वहां सत्ता परिवर्तन भी हो सकता है।

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काट्ज ने सद्दाम हुसैन से क्यों जोड़ा नाम?
सद्दाम हुसैन ने 1991 की खाड़ी युद्ध के दौरान इस्राइल पर स्कड मिसाइलें दागी थीं, ताकि अमेरिका के नेतृत्व वाले गठबंधन को कमजोर किया जा सके। हालांकि, अमेरिका के दबाव में इस्राइल ने पलटवार नहीं किया था। 2003 में अमेरिका ने इराक पर हमला किया, जिसके बाद सद्दाम को पकड़ लिया गया और बाद में 2006 में फांसी दे दी गई। उनका शासन तानाशाही, युद्ध और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन से भरा था। इस्राइल का कहना है कि खामनेई भी इसी रास्ते पर चल रहे हैं।

ईरान को क्यों चेतावनी दी गई?
इस्राइल का कहना है कि खामनेई की सरकार नियंत्रण से ज्यादा यूरेनियम जुटा रही है, जिससे ईरान एक न्यूक्लियर ताकत बन सकता है। इस्राइल इसे अपने अस्तित्व के लिए खतरा मानता है और बार-बार अंतरराष्ट्रीय समुदाय को चेतावनी देता रहा है। इस्राइल काट्ज के इस बयान को केवल धमकी नहीं, बल्कि मनोवैज्ञानिक युद्ध और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संदेश देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

दोनों देशों में पांचवें दिन भी संघर्ष जारी
बीते पांच दिनों से इस्राइल और ईरान के बीच सीधा संघर्ष जारी है। रातभर रॉकेट हमले, ड्रोन गिराए जाने और कई शहरों से लोगों को खाली कराए जाने की खबरें आती रहीं। तेहरान की रात को धमाकों की रोशनी से जगमग करती देखा गया, वहीं इस्राइल में जगह-जगह सायरन गूंजते रहे। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जी7 शिखर सम्मेलन से अपना दौरा अचानक खत्म किया और चेतावनी दी कि तेहरान के लोग तुरंत शहर खाली करें। इससे संकेत मिलता है कि हालात सामान्य से कहीं ज्यादा गंभीर हो सकते हैं। ट्रंप ने हालांकि कहा कि 'ईरान अब भी समझौता चाहता है,' लेकिन उनके राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की आपात बैठकें इस बात का संकेत हैं कि स्थिति हाथ से निकलती जा रही है।
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युद्ध से कहां क्या पड़ रहा असर?
हजारों लोगों को ईरान और इस्राइल के सीमावर्ती इलाकों से निकाला गया है। हवाई सेवाएं बंद कर दी गई हैं। पूरा पश्चिम एशिया युद्ध की कगार पर है। वहीं इस्राइल ने यह भी दावा किया है कि ईरान के हवाई क्षेत्र पर पूरी तरह उसके नियंत्रण में है, जिससे साफ है कि दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव और बढ़ सकता है।

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