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US: इस्राइल विरोधी प्रदर्शन में छात्र को बचाना महिला प्रोफेसर को पड़ा भारी, पुलिस ने जमीन पर गिरा लगाई हथकड़ी

Sat, 27 Apr 2024 12:09 PM IST
काव्या मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

कोलंबिया विश्वविद्यालय में फलस्तीनियों के समर्थन में इस्राइल के खिलाफ विरोध -प्रदर्शन हो रहा है। बुधवार और गुरुवार तड़के तक 200 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 
 
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इस्राइल के खिलाफ हो रहा प्रदर्शन - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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हमास और इस्राइल बीते छह महीने से जंग लड़ रहे हैं। इस्राइल द्वारा हमास को खत्म करने का संकल्प गाजा पट्टी के लोगों पर भारी पड़ रहा है। गाजा में पैदा हुई मानवीय परिस्थितियों को लेकर अमेरिका में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। देशभर में लोग इस्राइल के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। यह विरोध विश्वविद्यालयों तक पहुंच गया है। जहां कुछ दिन पहले सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार किया था। वहीं अब एक 65 साल की प्रोफेसर को हिरासत में लिया गया है। 

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वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें देखा जा सकता है कि किस तरह अमेरिकी प्रोफेसर कैरोलिन फोहलिन को अटलांटा में एमोरी विश्वविद्यालय में विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने जमीन पर गिराया और फिर हथकड़ी लगा दी। बता दें, देशभर के शीर्ष विश्वविद्यालयों में फलस्तीन समर्थक विरोध प्रदर्शन तेज हो गए।

मैं एक प्रोफेसर हूं
प्रोफेसर कैरोलिन फोहलिन एक छात्र के बचाव में आई थीं। उन्होंने पुलिस द्वारा एक छात्र को जमीन पर गिराने पर उन्हें बच्चे से दूर रहने के लिए कहा। इस पर दूसरे पुलिसकर्मी ने उनको पकड़ लिया और जमीन पर गिरा दिया। बाद में दोनों हाथ पकड़कर हथकड़ी लगा दी। वह बार-बार कहती रहीं कि वह एक प्रोफेसर हैं, तब भी उनको पुलिस ने पकड़ लिया। 
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इस्राइल के खिलाफ विरोध -प्रदर्शन हो रहा
कोलंबिया विश्वविद्यालय में फलस्तीनियों के समर्थन में इस्राइल के खिलाफ विरोध -प्रदर्शन हो रहा है। छात्र लगातार विरोध जता रहे हैं। बुधवार और गुरुवार तड़के तक 200 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। बता दें, लॉस एंजिल्स, बोस्टन और ऑस्टिन, टेक्सास के विश्वविद्यालयों में गुरुवार को करीब दो हजार लोग एकत्र हुए थे। 

पुलिस ने देश भर के विश्वविद्यालयों में बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां की हैं। विरोध-प्रदर्शनों को रोकने के लिए पुलिस कई हथकंडे आजमां चुकी है, लेकिन छात्र पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। छात्र प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे गाजा में फलस्तीनियों के साथ एकजुटता व्यक्त कर रहे हैं, जहां मरने वालों की संख्या 34,305 से ऊपर है।

छह माह से जंग जारी
हमास ने सात अक्तूबर को इस्राइली शहरों पर पांच हजार से ज्यादा रॉकेट दागकर हमले की शुरुआत की थी। इसके बाद हमास के आतंकियों ने इस्राइल में घुसकर लोगों को मौत के घाट उतारा। इसके जवाब में इस्राइल ने हमास आतंकियों के खिलाफ गाजा में ऑपरेशन शुरू किया था। इस ऑपरेशन में गाजा स्थित हमास के ठिकानों पर जबरदस्त बमबारी की गई है, जिससे अधिकतर गाजा खंडहर में तब्दील हो गया है। अब तक इस्राइल और गाजा में कुल मिलाकर 30000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। बता दें कि गाजा के अधिकारियों का कहना है कि सात अक्तूबर के बाद से गाजा में इस्राइल के सैन्य अभियान में अब तक उनके 34,000 से ज्यादा लोग मारे गए हैं, जबकि हजारों शवों के अब भी मलबे में दबे होने की आशंका है।

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