गाजा पट्टी में आतंकवादी समूह हमास के खिलाफ इस्राइल की राजधानी तेल अवीव में इस्राइली नागरिकों ने शनिवार को 'लाइटिंग अप द लाइट' अभियान शुरू किया है। इसके जरिए लोग हमास आतंकियों के कब्जे से अपने परिजनों को छुड़ाने की जद्दोजहद कर रहे हैं।
देशभर से सैकड़ों लोग इस पहल में शामिल हुए, जिनमें देश की प्राथमिक विधायी संस्था, नेसेट के सदस्य, नगर पालिकाएं, मॉल, स्टेडियम, थिएटर सहित कई जगह से लोग पहुंचे। इस अभियान में यहां लापता और आतंकियों के कब्जे में लोगों के परिजनों ने अपने दर्द बयां किए।
किसी का अपहरण तो किसी के साथ दुष्कर्म
शब्बत खाने की मेज पर खाली सीटों पर, बंधकों और लापता व्यक्तियों में से एक के परिवार के सदस्य ने कहा कि ये कुर्सियां हमारे सभी बंधकों का प्रतिनिधित्व करती हैं, जो इस्राइली, यहूदी और दुनियाभर के लोग हैं, जो दुर्भाग्य से 7 अक्तूबर को हमास द्वारा अचानक किए गए हमले के दौरान पार्टी में थे।
उन्होंने कहा, कि उनमें से कुछ का अपहरण कर लिया गया, और कुछ के साथ बलात्कार किया गया, बेदर्दी से हत्या की गई। यह इतना बदतर है और दुनिया को पता होना चाहिए कि यहां जो हुआ वह एक नरसंहार था।
अमेररिकी राष्ट्रपति का व्यक्त किया आभार
उन्होंने बंधकों की जल्द से जल्द रिहाई सुनिश्चित करने में समर्थन के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन का आभार व्यक्त किया और कहा, कि भगवान का शुक्र है कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन हमारी मदद कर रहे हैं।
उम्मीद है कि यह हमारे लिए भी कुछ अच्छे परिणाम लाएगा क्योंकि राष्ट्रपति बिडेन ने विशेष रूप से कहा कि वह उन सभी को वापस लाएंगे, जिसका अर्थ है इस्राइली, अमेरिकी नागरिक और अन्य जिन्हें वहां रखा जा रहा है।
अपहृत सैनिक के पिता ने सुनाई आप बीती
अपहृत सैनिक के पिता ने कहा कि उनके 19 वर्षीय बेटे को उसके अड्डे से उस समय अपहरण कर लिया गया जब वह सो रहा था। जब उसे ले जाया गया तो वह हमसे बात कर रहा था। अपहरण से पहले उसके आखिरी शब्द थे, 'मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूं। यह अंत है।' फिर टेलीफोन लाइन काट दी गई। उन्होंने कहा कि उसने कोई दवा नहीं ली है, मैं अपने बेटे को लेकर बहुत चिंतित हूं। और न सिर्फ अपने बेटे को लेकर बल्कि उन सभी को लेकर जिनका अपहरण किया गया था।
रॉकेट हमले की आड़ में अनुमानित 2,500 आतंकवादियों द्वारा देश में घुसपैठ करने, सीमावर्ती समुदायों पर गोलीबारी करने, नागरिकों की हत्या करने और सभी उम्र के 200-250 बंधकों के साथ गाजा में वापस घुसने के बाद इज़राइल ने हमास पर युद्ध की घोषणा की।