इस्राइली रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि संपूर्ण गाजा-मिस्र सीमा पर उनका नियंत्रण है। इसी के साथ उन्होंने बताया कि अबतक मिस्र के सिनाई में जाने वाली 20 सुरंगों का पता लगा लिया गया है। 2006 में हथियारों की तस्करी को रोकने के लिए 14 किलोमीटर की एक पट्टी बनाई गई थी, जिसे फिलाडेल्फी कॉरिडोर के नाम से जाना जाता है। 2007 में हमास ने हिंसक तरीके से फलस्तीनी प्राधिकरण से गाजा का नियंत्रण छीन लिया। सेना ने बताया कि भूमध्यसागर के एक हिस्से को छोड़कर कॉरिडोर के अधिकांश हिस्से में सैनिक भौतिक रूप से मौजूद थे।
इस्राइली सेना ने बताया कि उन्हें सीमा पार कुछ सुरंगों के बारे में पता चला। आईडीएफ को सीमा पर हमास द्वारा रखे गए कई रॉकेट लॉन्चर मिले। इस्राइल ने सात मई को फलस्तीन के राफा पर कब्जा कर लिया था। बता दें कि पिछले साल सात अक्तूबर को हमास ने इस्राइल पर हमला किया था। जवाबी कार्रवाई में इस्राइल ने भी गाजा पट्टी पर हमला कर दिया। इस्राइल और हमास के बीच इस संघर्ष में 12,000 लोगों की मौत हो गई, जबकि 252 इस्राइली और विदेशियों को हमास ने बंधक बना लिया था।
अमेरिका को रोकनी पड़ी मानवीय सहायता
इस्राइल-हमास के संघर्ष के बीच अमेरिका ने गाजा में मानवीय सहायता की आपूर्ति रोक दी। दरअसल, खराब मौसम के कारण 320 मिलियन अमेरिकी डॉलर की लागत वाली संरचना टूट गई थी, जिसके बाद अमेरिका ने यह फैसला लिया। अश्केलोन के पास इस्राइल के तट पर फंसे सेना के जहाजों में से एक को बरामद कर लिया गया है। दूसरा जाहाज भी अश्केलोन के पास था, उसे भी अगले 24 घंटों के भीतर ढूंढ लिया जाएगा। शेष दो जहाज जो ट्राइडेंट घाट के पास समुद्र तट पर थे, अगले 48 घंटों में बरामद होने की उम्मीद है। पेंटागन की उप प्रेस सचिव सबरीना सिंह ने इसकी जानकारी दी। बता दें कि साइप्रस से भोजन, पानी, दवा, ईंधन और अन्य आपूर्ति ले जाने वाले ट्रक को जहाज से गाजा की ओर ले जाया गया। इसे गाजा शहर के पास एक स्टेजिंग क्षेत्र में उतारा गया था।