गाजा के अल-अहली अस्पताल पर हुए हमले के बाद फर्श पर हर जगह शव दिखाई दिए। उन्हीं के बीच से घायल लोग डॉक्टरों के लिए चीख-पुकार मचाते दिखे। धमाके होते ही कई लोग अस्पताल के दूसरे हिस्से की तरफ भागे। किसी का हाथ कटा था तो कोई पैरों को खोने के बाद इलाज की उम्मीद में आ रहा था। मरीजों की संख्या एकदम बढ़ गई। अंधेरे में डॉक्टर भी बिना एनेस्थीसिया (बेहोश करने का रसायन) ही फर्श पर उनकी सर्जरी करने को मजबूर हो गए।
मेडिकल सामग्री की कमी के चलते अस्पताल में पहले से ही हालात बुरे थे। प्लास्टिक सर्जन गासन अबू सित्ता ने कहा, एक जोरदार धमाके के साथ उनके ऑपरेशन कक्ष की छत गिर गई। घायल लड़खड़ाते हुए हमारी ओर भागेे। हमने सैकड़ों मृत और गंभीर रूप से घायल लोगों को देखा। अस्पताल परिसर में शवों के टुकड़े बिखरे दिखे। विस्फोट स्थल पर जली हुई कारें बिखरी पड़ी थीं और जमीन पर मलबे का अंबार था। पीड़ितों को गंभीर चोटें हैं, कुछ के सिर फटे हुए थे जबकि कुछ के अंग कटे या गायब थे।
ऑर्थोपेडिक सर्जरी प्रमुख फादेल नईम ने कहा, लोग चीख रहे थे। अस्पताल क्षत-विक्षत शवों और घायल लोगों से भर चुका था। डॉ. नईम ने कहा, जिसे भी बचाया जा सकता था, हमने उसे बचाने की कोशिश की लेकिन लोग बहुत ज्यादा थे और मेडिकल टीम बहुत छोटी।
अरब देशों ने इस्राइल को ठहराया जिम्मेदार
सऊदी अरब, यूएई, बहरीन, मिस्र, जॉर्डन और तुर्किये ने अल-अहली अस्पताल पर बमबारी के लिए इस्राइल को जिम्मेदार ठहराया। जबकि इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने मौतों के लिए ‘गाजा में क्रूर आतंकवादियों’ को जिम्मेदार ठहराया है। सऊदी अरब में मुस्लिम देशों के नेताओं ने एक बैठक में इस्राइल के साथ रिश्ते खत्म करने पर जोर दिया। बैठक में गाजा के अस्पताल में बमबारी की निंदा कर मुस्लिम देशों ने एकजुटता जताई।
अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का हनन जिम्मेदार को बख्शा न जाए : यूएन
विश्व निकाय के शीर्ष नेताओं और एजेंसियों ने अल-अहली अस्पताल पर हुए हमले में कई लोगों की मौत पर गहरा दुख जताया और घटना की कड़ी निंदा की। संयुक्त राष्ट्र ने कहा, यह हमला अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन है। घटना को अंजाम देने वाले अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार जवाबदेह ठहराए जाने चाहिए। महासचिव एंतोनियो गुटेरस ने कहा, मैं ताजा घटनाक्रमों से बेहद दुखी-व्यथित हूं।