अमेरिका ने इस्राइल की ओर से 620 फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई में देरी के फैसले का समर्थन किया है। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, इस्राइली सरकार ने हमास के बंधकों के साथ "बर्बर व्यवहार" को आधार बनाते हुए यह कदम उठाया है। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता ब्रायन ह्यूजेस ने इसे "उचित प्रतिक्रिया" करार दिया, जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी इस्राइल के हर फैसले के साथ खड़े रहने की बात कही। इस बीच, हमास ने भी कहा है कि जब तक कैदियों को रिहा नहीं किया जाता, वह इस्राइल से किसी भी वार्ता के लिए तैयार नहीं है।
हमास के नेता बोले- जब तक रिहाई नहीं, तब तक बातचीत नहीं
अल जजीरा के अनुसार, हमास के दो वरिष्ठ नेताओं ने कहा है कि फिलिस्तीनी समूह तब तक मध्यस्थों के माध्यम से इस्राइल के साथ आगे कोई चर्चा नहीं करेगा, जब तक कि वह शनिवार को रिहा होने वाले 620 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा नहीं कर देता।
गाजा संघर्ष विराम वार्ता मुश्किल में
यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब गाजा संघर्ष विराम वार्ता मुश्किल में पड़ती दिख रही है, क्योंकि हमास ने पहले ही घोषणा कर दी है कि वह तब तक वार्ता बंद कर देगा जब तक वादे के अनुसार फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई नहीं हो जाती। हमास की ओर से छह इस्राइली बंदियों को रिहा करने के बावजूद इस्राइल ने 620 फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई स्थगित कर दी है।
हमास पर बंदियों का इस्तेमाल "प्रचार" के लिए करने का आरोप
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गाजा में बंदियों को सौंपे जाने के समारोह को "अपमानजनक" बताया और हमास पर बंदियों का इस्तेमाल "प्रचार" के लिए करने का आरोप लगाया। अल जजीरा के अनुसार, सहायता समूह युद्ध विराम के पहले चरण के तहत इस्राइल के अधूरे वादों पर सवाल उठा रहे हैं।
मिस्र और कतर भी इस्राइल पर बना रहे कैदियों को छोड़ने का दबाव
अल जजीरा ने बताया कि फिलिस्तीनी कैदी सोसाइटी ने कहा है कि इस्राइल ने गाजा युद्ध विराम के अपने दायित्वों का पालन करने और 620 कैदियों को रिहा करने से इनकार कर दिया है। अल जजीरा के अनुसार, मिस्र और कतर कथित तौर पर इस्राइल पर 620 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करने के लिए दबाव डाल रहे हैं, जिसका वादा इस्राइल ने हमास की ओर से गाजा से छह बंदियों को रिहा करने के बाद किया था।
नेतन्याहू को करना पड़ा अलोचना का सामना
इस बीच, इस्राइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू को एक सैन्य दीक्षांत समारोह में बोलते हुए गाजा पर युद्ध को लेकर नई आलोचना का सामना करना पड़ा। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, जब उन्होंने बंधक शिरी बिबास और उसके छोटे लड़कों एरियल और केफिर (जिनके अवशेष पिछले सप्ताह गाजा से वापस लाए गए थे) की तस्वीर दिखाई, ताकि यह दर्शाया जा सके कि "हम किसके खिलाफ लड़ रहे हैं", तो दर्शकों ने चिल्लाकर कहा, "शर्म की बात है!" और "आपने उन्हें क्यों नहीं बचाया?"
नेतन्याहू की चेतावनी- इस्राइल कभी भी गहन युद्ध के लिए तैयार
टाइम्स ऑफ इस्राइल की रिपोर्ट के अनुसार, नेतन्याहू ने चेतावनी दी है कि इस्राइल "किसी भी क्षण गहन युद्ध के लिए तैयार है। परिचालन योजनाएं तैयार हैं।" रिपोर्ट के अनुसार, अपने पूरे संबोधन में नेतन्याहू ने पूर्ण विजय का वादा किया। टाइम्स ऑफ इस्राइल ने नेतन्याहू के हवाले से कहा, "बिना किसी अपवाद के हमारे सभी बंधक घर लौट आएंगे। हमास गाजा पर शासन नहीं करेगा। गाजा को असैन्य बनाया जाएगा और उसकी लड़ाकू सेना को खत्म कर दिया जाएगा।"