इस्राइल में चुनाव से पहले बढ़ रहा असंतोष
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
इस्राइल में 27 अक्तूबर को होने वाले संसदीय चुनाव से ठीक पहले राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अपनी सत्ता बचाने के लिए आक्रामक तेवरों के साथ मैदान में हैं, लेकिन उनके खिलाफ जनता का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। राजधानी तेल अवीव समेत कई हिस्सों में हजारों प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया है।
हमास के हमलों और गाजा व ईरान युद्ध के बाद हो रहा पहला चुनाव नेतन्याहू के राजनीतिक भविष्य का जनमत संग्रह माना जा रहा है। नेतन्याहू अपनी सुरक्षा नीतियों और कड़े रुख के जरिये मतदाताओं को साधने में जुटे हैं। कभी सीमित और रक्षात्मक कदमों के पक्षधर रहे नेतन्याहू ने अब गाजा, लेबनान और ईरान के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई को अपनी सबसे बड़ी यूएसपी बना लिया है। उन्होंने दक्षिणपंथी मतदाताओं को एकजुट करने पर पूरा जोर दिया है ताकि बहुमत का आंकड़ा (61 सीटें) जुटाया जा सके।
खुफिया चूक बड़ा मुद्दा
सुरक्षा और खुफिया चूक की जवाबदेही चुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा बन गई है। बंधक बनाए गए लोगों के परिजनों और आम जनता का आरोप है कि नेतन्याहू 7 अक्तूबर 2023 के हमलों से जुड़ी विफलताओं की स्वतंत्र जांच से बच रहे हैं। इस आंदोलन को विपक्षी दलों का भी पूरा समर्थन मिल रहा है। तेल अवीव के होस्टेज स्क्वायर पर उमड़ी हजारों की भीड़ ने नेतन्याहू के खिलाफ तीखा रोष प्रकट किया। इस दौरान विपक्षी नेता और याशर पार्टी के प्रमुख गादी आइजनकोट को भारी समर्थन मिला, जिन्हें नेतन्याहू का सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी माना जा रहा है। चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों में भी आइजनकोट आगे चल रहे हैं। एजेंसी
ईरान से बताया खतरा..एआई से बनी एटमी बम गिराने की तस्वीर साझा की
नेतन्याहू ने रविवार को एआई से बनी इस्राइल पर परमाणु बम गिरने की एक तस्वीर साझा की। उन्होंने लिखा है कि इस्राइल के सामने अस्तित्व का खतरा है। अगर ईरान ने परमाणु हथियार हासिल कर लिए, तो बाकी किसी चीज का कोई मतलब नहीं रह जाएगा। ईरान से पैदा होने वाले खतरे के सामने बाकी सभी मुद्दे मामूली हैं। वहीं, विपक्षी नेता यायर गोलान ने आरोप लगाया कि नेतन्याहू लोगों में डर फैला रहे हैं।
बॉट्स, डीपफेक का जमकर इस्तेमाल
सोशल मीडिया पर बॉट्स, डीपफेक वीडियो और एआई टूल्स का धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है। ईरान के खिलाफ बने दर्जनों ऑनलाइन बॉट्स को नेतन्याहू की पार्टी के समर्थन में प्रचार के लिए लगाया गया है। दोनों खेमे एआई से बने वीडियो का इस्तेमाल कर रहे हैं। इनमें से कुछ में नेतन्याहू को हमास हमले से पहले की अपनी कथित नाकामियों का सामना करते दिखाया गया है।