इस्राइल-हमास संघर्ष के बीच गाजा पट्टी का दृश्य
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इस्राइल और हमास के बीच युद्ध जारी है। इस बीच, इस्राइल के संचार मंत्री ने आदेश दिया कि द एसोसिएटेड प्रेस से जब्त किया गया कैमरा और प्रसारण उपकरण वापस किया जाए। बता दें, इस्राइली अधिकारियों ने इससे पहले एसोसिएटेड प्रेस के उपकरण जब्त करते हुए आरोप लगाया था कि समाचार एजेंसी ने नए मीडिया कानूनों का उल्लंघन किया है। यह भी आरोप है कि एपी ने अल जजीरा को उत्तरी गाजा की तस्वीरें देकर कानून तोड़ा है।
गौरतलब है कि इस्राइल का अल जजीरा के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे भावनाओं को भड़काने के वाला चैनल करार दिया था। अल जजीरा पूरे युद्ध के दौरान गाजा में रहा और इस्राइल पर नरसंहार का आरोप लगाता रहा।
संचार मंत्री ने ट्वीट कर दी जानकारी
एपी के उपकरण जब्त करने की कार्रवाई की चौतरफा निंदा की गई। बिडेन प्रशासन, पत्रकारिता संगठनों और इस्राइली विपक्षी नेता ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार की आलोचना की। उन्होंने सरकार पर निर्णय बदलने का दबाव डाला। इजराइल के संचार मंत्री श्लोमो करही ने मंगलवार देर रात सोशल प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि मैंने कार्रवाई रद्द करने और उपकरण एपी को वापस करने का आदेश दिया है। करही ने बताया कि रक्षा मंत्रालय समाचार आउटलेट्स की स्थिति की समीक्षा करेगा।
एपी ने की कार्रवाई की कड़ी निंदा
एपी के कॉर्पोरेट संचार के उपाध्यक्ष लॉरेन ईस्टन ने कहा कि हम इस विकास से खुश हैं। इससे पहले उन्होंने इस्राइल सरकार की कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की थी। उन्होंने कहा था कि हम इस्राइली अधिकारियों से हमारे उपकरण वापस करने का आग्रह करते हैं। हमें अपने लाइव फीड को बहाल करने दिया जाए ताकि हम दुनिया भर के हजारों मीडिया संस्थानों को गाजा के महत्वपूर्ण दृश्य प्रदान करना जारी रख सकें।’ एपी द्वारा दुनिया में कई चैनलों को वीडियो और खबरें प्रदान की जाती हैं।
अमेरिका ने भी जताई थी आपत्ति
इजराइल के विपक्षी नेता यायर लैपिड ने सरकार के कदम को पागलपन कृत्य कहा था। इस पर करही ने कहा कि सर्वसम्मति से पारित कानून के आधार पर अल जजीरा को सामाग्री अगर वितरित की जाती है तो उस उपकरण को जब्त किया जा सकता है। बाइडन प्रशासन ने भी घटना की निंदा की। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता एड्रिएन वॉटसन ने बताया कि जैसे ही हमें रिपोर्टों के बारे में पता चला व्हाइट हाउस और विदेश विभाग ने घटना में अपनी चिंता जाहिर की है। हम कार्रवाई को पलटने के लिए इस्राइल सरकार के साथ बात कर रहे हैं।