इस्राइल ने कहा कि ईरान, हिजबुल्ला को फिर से हथियार देकर मजबूत करने की कोशिश कर रहा है, जिससे हिजबुल्ला, इस्राइल और पश्चिम एशिया के लिए खतरा बना हुआ है।
इस्राइल ने संयुक्त राष्ट्र में आरोप लगाया है कि ईरान लेबनान में हिजबुल्ला को फिर से खड़ा करने में मदद कर रहा है। इस्राइल ने कहा कि ईरान, हिजबुल्ला को फिर से हथियार देकर मजबूत करने की कोशिश कर रहा है, जिससे हिजबुल्ला, इस्राइल और पश्चिम एशिया के लिए खतरा बना हुआ है। बीते दिनों अमेरिकी खुफिया विभाग ने भी चेतावनी दी थी कि ईरान, हिजबुल्ला को फिर से मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। इससे अमेरिका और इसके सहयोगियों को खतरा है।
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इस्राइल ने समझौते के उल्लंघन का लगाया आरोप
बीते साल नवंबर में इस्राइल और हिजबुल्ला के बीच युद्धविराम समझौता हुआ था। इस समझौते के तहत दोनों पक्षों में 13 माह से चल रही लड़ाई बंद हुई थी। समझौते के तहत दक्षिणी लेबनान में लेबनानी आर्मी को तैनात किया जाना था और हिजबुल्ला और इस्राइल अपनी-अपनी सेनाएं हटाएंगे। हालांकि दोनों ही पक्षों ने एक दूसरे पर समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को इस्राइस के राजदूत डैनी डेनन ने एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने कहा है कि हिजबुल्ला की सैन्य क्षमता लड़ाई में काफी कम हुई है, लेकिन अब वे फिर से अपनी ताकत बढ़ाने में जुट गए हैं और इस काम में उनकी मदद ईरान कर रहा है।
इस्राइल ने हिजबुल्ला के शीर्ष नेतृत्व का किया सफाया
डैनन ने कहा कि यह बेहद जरूरी है कि लेबनानी सरकार और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय सीरिया-लेबनान सीमा और हवाई और समुद्री मार्गों के जरिए होने वाली हथियारों, गोला-बारूद और वित्तीय सहायता की तस्करी पर रोक लगाने पर ध्यान केंद्रित करे। गौरतलब है कि बीते साल इस्राइल ने लेबनान में हिजबुल्ला के ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले किए और हिजबुल्ला के शीर्ष नेतृत्व का लगभग सफाया कर दिया है। इस्राइल ने हिजबुल्ला के शीर्ष नेता हसन नसरल्ला को भी निशाना बनाकर ढेर कर दिया था। इस्राइल के हमलों में लेबनान में हजारों लोगों की मौत हुई थी।