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Congo Unrest: इस्लामिक स्टेट से जुड़े विद्रोहियों का पूर्वी कांगो में हमला, 66 लोगों को उतारा मौत के घाट

Sun, 13 Jul 2025 02:22 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, किंशासा (कांगो)

सार

मध्य अफ्रीकी देश कांगो में चारों तरफ अशांति फैली है। अभी तक विद्रोही समूह एम23 से जूझ रहा देश अब इस्लामिक स्टेट से जुड़े विद्रोहियों के निशाने पर आ गया है। आईएस से जुड़े एडीएफ के लड़ाकों ने देश के पूर्वी हिस्से में इरुमु इलाके में हमला बोला और धारदार हथियारों से 66 लोगों को मौत के घाट उतार दिया। 
 
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कांगो में अशांति के बीच संयुक्त राष्ट्र की पीस कीपिंग फोर्स निभा रही अहम भूमिका - फोटो : एएनआई / एक्स / यूएन
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विस्तार
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मध्य अफ्रीकी देश कांगो के पूर्वी हिस्से में इरुमु इलाके में इस्लामिक स्टेट (आईएस) समूह से जुड़े विद्रोहियों ने हमला कर 66 लोगों को मौत के घाट उतार दिया। यह इलाका युगांडा की सीमा से लगा हुआ है। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि यह हमला आईएस से जुड़े एलाइड डेमोक्रेटिक फोर्सेस (एडीएफ) के लड़ाकों ने किया। एडीएफ एक युगांडाई इस्लामी चरपंथी समहू है, जो सीमा के दोनों ओर सक्रिय है।

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कांगो का राष्ट्र ध्वज (सांकेतिक) - फोटो : एएनआई / एक्स / यूएन
ये हमला ऐसे समय में हुआ है, जब पूर्वी कांगो में एम23 के साथ चल रहे संघर्ष के थमने की उम्मीद की जा रही है। एम23 एक अलग विद्रोही समूह है, जिसे कांगो के एक अन्य पड़ोसी देश रवांडा का समर्थन प्राप्त है। 

कांगो में अशांति के बीच संयुक्त राष्ट्र की पीस कीपिंग फोर्स निभा रही अहम भूमिका - फोटो : एएनआई / एक्स / यूएन
शुरू में 30 लोगों के मारे जाने की थी खबर, बाद में बढ़ी संख्या
पूर्वी कांगो के इतुरी में संयुक्त राष्ट्र मिशन के प्रवक्ता जीन टोबी ओकाला ने इस हमले को 'खूनखराबा' बताया। उन्होंने बताया कि यह हमला बृहस्पतिवार और शुक्रवार की रात इतुरी के इरुमु क्षेत्र के वाल्से वोनकुतु प्रमुख क्षेत्र में हुआ। उन्होंने बताया कि शुरू में 30 लोगों के मारे जाने की खबर थी, लेकिन बाद में संख्या बढ़कर 66 हो गई। 

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कांगो में अशांति - फोटो : एएनआई / रॉयटर्स
धारदार हथियारों से की गई लोगों की हत्या
एक स्थानीय नागरिक समाज के अध्यक्ष मार्सेल पलुकु ने बताया कि लोगों की हत्या चाकुओं और धारदार हथियारों से की गई। मारे गए लोगों में महिलाएं भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि कितने लोगों को बंधक बनाया गया है, इसका अभी तक पता नहीं चल पाया है। ऐसा माना जा रहा है कि यह हमला कांगो और युगांडा बलों द्वारा शुरू किए गए हवाई हमलों का बदला हो सकता है, जो रविवार को शुरू हुए थे।

कांगो में एडीएफ के हमले के बाद सहमे लोग - फोटो : एएनआई / रॉयटर्स
1990 के दशक के अंत में युगांडा में हुआ था एडीएफ का गठन
कांगो में एडीएफ लड़ाकों की संख्या स्पष्ट नहीं है, लेकिन वे इस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपस्थिति रखते हैं और लोगों पर नियमित रूप से हमला करते हैं। ADF का गठन 1990 के दशक के आखिर में युगांडा में हुआ था। 2019 में यह इस्लामिक स्टेट से जुड़ गया और तब से यह कांगो के पूर्वी हिस्से में लगातार हिंसक हमले कर रहा है। इस इलाके में बड़ी संख्या में मुसलमान रहते हैं, हालांकि पूरे कांगो में मुस्लिमों की आबादी लगभग 10% है।

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कांगो में अशांति के बीच सुरक्षा बल - फोटो : एएनआई / रॉयटर्स
युगांडा से सटी सीमा के पास एडीएफ के हमले तेज हुए
हाल के वर्षों में, युगांडा से सटी कांगो की सीमा के पास एडीएफ के हमले तेज हुए हैं। यह हमले अब पूर्वी कांगो के मुख्य शहर गोमा और पड़ोसी इतुरी प्रांत तक फैल गए हैं। मानवाधिकार संगठनों और संयुक्त राष्ट्र ने ADF पर सैकड़ों लोगों की हत्या और बच्चों समेत बड़ी संख्या में लोगों का अपहरण करने का आरोप लगाया है। इससे पहले दिसंबर में एडीएफ ने उत्तरी किवु के एक अन्य गांव में हमला किया था, जहां 10 लोगों की हत्या कर दी गई थी और कई लोगों का अपहरण कर लिया गया था। 
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