फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Islamabad: सुरक्षा कारणों से पाकिस्तान-ईरान-तुर्किये मालगाड़ी सेवा फिर टली, बलूचिस्तान में हिंसा बनी बाधा

Wed, 31 Dec 2025 03:38 PM IST
अमन तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

पाकिस्तान-ईरान-तुर्किये मालगाड़ी सेवा की बहाली एक बार फिर टल गई है। यह रेल सेवा बलूचिस्तान जैसे अशांत क्षेत्रों से होकर गुजरती है, जहां बढ़ती हिंसा और आतंकवादी हमलों के चलते रेलवे परिचालन बार-बार बाधित हो रहा है।
विज्ञापन
मालगाड़ी (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ावा देने वाली पाकिस्तान-ईरान-तुर्किये मालगाड़ी सेवा की बहाली एक बार फिर सुरक्षा मंजूरी न मिलने के कारण टल गई है। पाकिस्तान रेलवे के शीर्ष अधिकारियों के अनुसार, बुधवार से शुरू होने वाली इस सेवा को सुरक्षा संबंधी चिंताओं के चलते फिलहाल रोक दिया गया है।

विज्ञापन


ये भी पढ़ें: ईरान में आर्थिक भूचाल: एक डॉलर का भाव 14 लाख रियाल के बराबर, जानिए क्या है तेहरान में मची अफरातफरी का कारण

अधिकारी ने क्या कहा?
साल 2009 में परीक्षण के साथ शुरू की गई यह मालगाड़ी सेवा तेहरान जाते समय बलूचिस्तान प्रांत से होकर गुजरती है। तब से लेकर अब तक, कई बार इसका परिचालन कभी शुरू हुआ तो कभी रोक दिया गया। इसको लेकर कराची क्षेत्र में पाकिस्तान रेलवे के मंडल अधीक्षक, महमूद उर रहमान लखो ने मीडिया को बताया कि संबंधित अधिकारियों से सुरक्षा अनुमति न मिलने के कारण बुधवार को यह सेवा बहाल नहीं हो सकी।
विज्ञापन


बलूचिस्तान में विद्रोही समूहों के हिंसक आतंकवादी हमलों के कारण स्थिति तनावपूर्ण है। पिछले साल से इन हमलों में वृद्धि हुई है और इस साल क्वेटा मार्ग पर अन्य प्रांतों की यात्री गाड़ियों को विद्रोहियों ने नियमित रूप से निशाना बनाया है। सुरक्षा अनुमति में देरी के कारण रेलवे अधिकारियों को जाफर एक्सप्रेस जैसी यात्री गाड़ी सेवाओं को भी स्थगित करना पड़ा है।

रेल मंत्री ने क्या कहा?
इसको लेकर पाकिस्तानी रेल मंत्री हनीफ अब्बासी और इस्लामाबाद स्थित ईरानी राजदूत रजा अमीरी ने हाल ही में घोषणा की थी कि मालगाड़ी सेवा 31 दिसंबर से फिर से शुरू होगी। बता दें कि अतीत में इस सेवा को परिचालन, सीमा शुल्क, बुनियादी ढांचे और सुरक्षा संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा है। इसे 2011 में रोका गया था 2021 में फिर शुरू किया गया, लेकिन 2022 में इसे पुनः स्थगित कर दिया गया।

हिंसा में हुई है वृद्धि
एक शोध संस्थान 'सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज' (CRSS) की 3 दिसंबर की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में 2025 के पहले 11 महीनों के दौरान हिंसा में 25 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि देखी गई। यह हिंसा मुख्य रूप से देश के उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा और दक्षिण-पश्चिमी बलूचिस्तान प्रांतों में केंद्रित रही। जनवरी से नवंबर 2025 तक दर्ज की गई कुल मौतों में से 96 प्रतिशत से अधिक और हिंसा की 92 प्रतिशत घटनाएं इन्हीं दो क्षेत्रों में हुईं।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Pakistan: खैबर पख्तूनख्वा में सीएम के भाई की हत्या; रायसानी बोले- आजादी चाहते हैं बलोच और धमाके में तीन की मौत

रिपोर्ट में बताया गया है कि खैबर पख्तूनख्वा सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र रहा। यहां हिंसा से जुड़ी कुल मौतों में से लगभग 68 प्रतिशत और हिंसा की घटनाओं में से 62 प्रतिशत से अधिक घटनाएं हुईं। इसके बाद बलूचिस्तान का स्थान आता है। यहां कुल मौतों में से 28 प्रतिशत से अधिक और हिंसा की 30 प्रतिशत से अधिक घटनाएं दर्ज की गईं।

अन्य वीडियो-

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें