पुरुषों को जन्नत और बाहत्तर हूरों का लालच देकर अब तक संगठन का हिस्सा बनाया जाता है, लेकिन अब महिलाओं को भी सुंदर पति का लालच उन्हें आतंकियों के गढ़ में खीच रहा है। पिछले साल दर्जन भर में ब्रिटिश महिलाओं ने आतंकी संगठन आईएस ज्वाइन किया। इसके लिए महिलाओं ने ब्रिटेन से रक्का तक का सफर तय किया। हैरानी की बात यह है कि इन महिलाओं ने यह जानते हुए आतंकी संगठन का हिस्सा बनना तय किया कि संगठन में महिलाओं की भूमिक सिवाय पत्नी और मां बनने के कुछ है नहीं।
उधर, आईएस के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के चलते हालात ऐसे हो गए हैं कि आईएस के चंगुल में फंसी महिलाएं भाग भी नहीं सकती हैं। सूत्रों की मानें तो सेना के हवाई हमलों की चपेट में आकर आईएम में शामिल हुई 17 वर्षीय कदीजा सुल्तान की मौत हो गई।
मीडिया खबरों के मुताबिक कदीजा सुल्ताना के घरवालों ने बताया कि उनके बेटी का अब आईएस से मोहभंग हो गया है। वह पिछले साल अमीरा अब्बास और शमीना बेगम के साथ इस्लामिक स्टेट में शामिल होने पहुंची थी। तीन सहेलियां ईस्टर की छुट्टियां मनाने की बात कहकर घर से निकली थीं। लेकिन तीनो आईएस के गढ़ रक्का पहुंच गईं और आतंकियों से शादी कर ली। उन तीनों को 56 महिलाओं के उस ग्रुप में रखा गया जो ब्रिटेन आईएस में शामिल होने पहुंची थीं।
तीनों लड़कियों के पारिवारिक वकील ने बताया कि शमीना और अमीरा अब भी जिंदा हैं। कदीजा आतंकी गुट से निकलकर भागना चाहती थी, लेकिन ऑस्ट्रिया की एक जिहादी महिला को सरेआम पीटकर हत्या कर दी गई, जिसे देखकर उसने कदम पीछे खींच लिए। वो वहुत डरी हुई थी। उसने पिछले नवंबर में अपनी बहन से फोन पर आपबीती बताई। लेकिन आईएस में पांच महीने के भीतर ही वह रूस के द्वारा किए गए हवाई हमले में मारी गई।