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West Asia Crisis: क्या ईरान में स्कूल-रिहायशी इमारतों को निशाना बना रहा अमेरिका? जानें किसने किया यह दावा

Tue, 10 Mar 2026 09:51 AM IST
Riya Dubey वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ईरान के खोमेयन शहर में स्थित एक स्कूल पर कथित अमेरिकी मिसाइल हमले की खबर सामने आई है, जिसमें आसपास के कई घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, हालांकि फिलहाल किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है। आइए विस्तार से जानते हैं।
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पश्चिम एशिया में जारी तनाव - फोटो : ANI
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विस्तार
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ईरान के मध्य स्थित शहर खोमेयन में एक शैक्षणिक संस्थान पर अमेरिकी मिसाइल हमले की खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार यह हमला डॉ. हाफिज खोमेइनी स्कूल पर हुआ। कतर आधारित मीडिया नेटवर्क अल जजीरा ने ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी के हवाले से बताया कि विस्फोट से स्कूल के आसपास स्थित कई रिहायशी इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि अब तक किसी के हताहत होने की तत्काल पुष्टि नहीं हुई है।

ईरान के गर्ल्स स्कूल पर हुए हमले में गई 170 लोगों की जान

यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब हाल ही में दक्षिणी ईरानी शहर मिनाब में एक गर्ल्स स्कूल पर हुए कथित अमेरिकी मिसाइल हमले की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच की मांग उठ रही है। उस हमले में कम से कम 170 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें अधिकांश छात्राएं बताई गई थीं।

युद्ध खत्म करने को लेकर आईआरजीसी ने क्या कहा?

इसी बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने सख्त बयान जारी करते हुए कहा कि अमेरिका या किसी अन्य देश को यह तय करने का अधिकार नहीं है कि युद्ध कब खत्म होगा। आईआरजीसी ने कहा कि युद्ध का अंत हम तय करेंगे और क्षेत्र का भविष्य अब हमारी सशस्त्र सेनाओं के हाथ में है।

ईरान ने ट्रंप पर लगाए गंभीर आरोप

ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह युद्ध की वास्तविक स्थिति छिपाने के लिए भ्रामक बयान दे रहे हैं। IRGC के प्रवक्ता ने दावा किया कि अमेरिकी सैन्य संसाधन ईरानी हमलों से बचने के लिए क्षेत्र से 1000 किलोमीटर से अधिक दूर हट गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के पास पहले से अधिक शक्तिशाली मिसाइलें मौजूद हैं, जिनमें कुछ के वारहेड का वजन एक टन से अधिक है।

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तेहरान ने चेतावनी दी है कि अगर संघर्ष जारी रहा तो वह शत्रु देशों को क्षेत्र से एक लीटर तेल भी निर्यात नहीं होने देगा। यह बयान वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए गंभीर संकेत माना जा रहा है।

ट्रंप ने ईरान को दी धमकी 

दूसरी ओर, ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कड़ा रुख दिखाते हुए कहा कि अगर ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तेल आपूर्ति को बाधित करने की कोशिश की तो अमेरिका बीस गुना ज्यादा ताकत से जवाब देगा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अमेरिका ऐसे लक्ष्यों को निशाना बना सकता है जिन्हें आसानी से नष्ट किया जा सकता है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रहे कूटनीतिक प्रयास

इस बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक प्रयास भी तेज हुए हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को ट्रंप से फोन पर बातचीत कर क्षेत्रीय नेताओं और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से चर्चा के बाद तेज राजनीतिक और कूटनीतिक समाधान के कुछ सुझाव दिए।

उधर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि फ्रांस और उसके सहयोगी देश हॉर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रखने के लिए एक पूरी तरह रक्षात्मक मिशन की तैयारी कर रहे हैं। यह जलमार्ग बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि दुनिया के करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल का परिवहन इसी रास्ते से होता है।

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