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कोविड-19 : पाकिस्तान में पांच महीने बाद फिर से खुले स्कूल और कॉलेज

Wed, 16 Sep 2020 04:10 AM IST
Tanuja Yadav वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

  • पाकिस्तान में कोरोना पर काबू पाने का दावा
  • इमरान सरकार ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के सामने पेश की सकारात्मक तस्वीर
  • विपक्ष ने दावे को बताया गलत, टेस्ट की संख्या कम करके छवि सुधारने का आरोप  
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पाकिस्तान ने कोरोना को काबू करने का किया दावा - फोटो : iStock
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विस्तार
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पाकिस्तान में कोरोना के मामलों में गिरावट को देखते हुए लगभग पांच महीनों के बाद मंगलवार को स्कूल और कॉलेज फिर से खुल गए। अधिकारियों ने बताया कि हाईस्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय 15 सितंबर को फिर से खुल गए, जबकि कक्षा छह से आठवीं तक की कक्षाएं 23 सितंबर से शुरू होगी और प्राथमिक विद्यालय 30 सितंबर से शुरू होंगे। स्वास्थ्य संबंधित निर्देशों के अनुसार, एक कक्षा में 20 या उससे कम छात्रों को बैठाया जा सकता है।

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छात्रों को समूहों में विभाजित किया गया है और वे एक दिन छोड़कर स्कूल आएंगे। शिक्षकों और छात्रों के लिए मास्क लगाना अनिवार्य है। संस्थान प्रवेश द्वारों पर हाथ धोने की सुविधा और सैनिटाइजर की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे। महामारी के बाद 16 मार्च को पाकिस्तान में सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद कर दिया गया था। इसके अलावा सभी वार्षिक परीक्षाओं को भी रद्द कर दिया गया था।


क्या पाकिस्तान में सचमुच कोरोना के मामले कम हो रहे हैं?

क्या इमरान सरकार दुनिया को ये संदेश देने की कोशिश कर रही है कि पाकिस्तान कोरोना की जंग जीतने में भारत से आगे है? यही साबित करने के लिए पाकिस्तान मंगलवार से सारे स्कूल कॉलेज खोल दिए। सरकार ये दावा कर रही है कि अब वहां जिंदगी तेजी से सामान्य होती जा रही है।
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पाकिस्तान में कोरोना मरीजों की संख्या तेजी से घट रही है और प्रधानमंत्री इमरान खान ने ये एलान कर दिया है कि वो अपने देश के लाखों बच्चों को स्कूल कॉलेजों में भेजकर उनके भीतर फिर से आत्मविश्वास भरने की कोशिश कर रहे हैं।

लेकिन इमरान सरकार के इस कदम को विपक्ष खतरनाक बता रही है और कह रही है कि सरकार दुनिया के सामने अपनी वाहवाही दिखाने के लिए ऐसे कदम उठा रही है। हालात ये हैं कि अब भी लगातार सैंकड़ों मामले सामने आ रहे हैं। लेकिन इमरान सरकार आंकड़ों में संख्या कम बताने के लिए रोजाना होने वाले टेस्ट की संख्या कम करती जा रही है। इससे असली आंकड़े सामने नहीं आ पा रहे हैं।

भारत में जहां लगातार टेस्ट की संख्या बढ़ रही है और रोजाना लाखों की संख्या में टेस्ट करके हर आदमी को सुरक्षा देने की कोशिश हो रही है, वहीं पाकिस्तान में अब तक एक दिन में सबसे ज्यादा 30 हजार से ज्यादा टेस्ट कभी नहीं किए गए। जबकि पाकिस्तान की आबादी भारत की तुलना में बहुत कम है।

आंकड़ों को देखें तो पाकिस्तान में रोजाना औसतन दस लाख की आबादी पर महज 1400 लोगों के ही कोरोना टेस्ट किए जा रहे हैं। भारत में ये संख्या 3700 से ज्यादा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों को मानें तो 20 टेस्ट करने पर अगर एक मरीज मिलता है तभी कोरोना को नियंत्रण में माना जा सकता है, लेकिन पाकिस्तान में हर आठवां व्यक्ति कोरोना संक्रमित है।

इसके बावजूद इन आंकड़ों को कम करने के लिए अब पाकिस्तान ने अपने यहां मामला काबू में बताकर विश्व स्वास्थ्य संगठन की वाहवाही भी बटोर ली है। उधर, स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक पाकिस्तान में सोमवार को कोरोना के 539 नए मामले सामने आए।
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इससे अब देश में संक्रमितों की संख्या बढ़ कर 3,02,020 हो गई है। पाकिस्तान में अब तक 6,383 की मौत हो चुकी है और 551 मरीजों की हालत गंभीर है।

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