उत्तरी आयरलैंड की राजधानी बेलफास्ट में मंगलवार रात अप्रवासियों के खिलाफ भारी हिंसा हुई। नकाबपोश लोगों ने कई परिवारों को उनके घरों से जबरन बाहर निकाल दिया। शहर के कई हिस्सों में सैकड़ों प्रदर्शनकारी जमा हो गए। इनमें से ज्यादातर लोगों ने अपने चेहरे ढके हुए थे। भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया और कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। यह हिंसा एक सूडानी व्यक्ति पर चाकू से हमले का आरोप लगने के बाद भड़की। यह सब तब शुरू हुआ जब एक चाकूबाजी का वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो गया। हमले में एक व्यक्ति की गर्दन और सिर पर गंभीर चोटें आई थीं।
मंगलवार शाम को बेलफास्ट में कई घर जलते हुए देखे गए। एक वीडियो में पुलिसकर्मी एक जलते हुए मकान से परिवार को बाहर निकालने में मदद करते दिखे। प्रथम मंत्री मिशेल ओ'नील ने इन हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि परिवारों को डराना और उनके घर जलाना घिनौनी कायरता है। इन हमलों के लिए कोई बहाना नहीं हो सकता।
कीर स्टारमर ने हमले की निंदा की
ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने भी इस घटना को बेहद खराब बताया। ब्रिटेन में आप्रवासन नीति को लेकर पहले से ही तनाव का माहौल है। कुछ समय पहले एक छात्र की हत्या के बाद एक सिख व्यक्ति ने इसे नस्लीय हमला बताकर झूठा आरोप लगाया था, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। पिछले साल भी इसी तरह के दंगे हुए थे।
हिंसा के दौरान पूर्वी बेलफास्ट में 100 लोगों की भीड़ ने घरों के दरवाजे और खिड़कियां तोड़ दीं। प्रदर्शनकारियों ने एक बस को भी आग के हवाले कर दिया। मामले को लेकर पादरी जैक मैकी ने कहा कि लोगों को सिर्फ उनके रंग की वजह से घरों से निकाला जा रहा है।
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30 साल के सूडानी नागरिक को गिरफ्तार
मामले में पुलिस ने 30 साल के सूडानी नागरिक को गिरफ्तार किया है। उस पर हत्या के प्रयास और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। उसे बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। हमले में घायल 40 वर्षीय व्यक्ति की आंखों और पीठ पर गहरे जख्म हैं। पुलिस ने स्थिति पर काबू पाने के लिए बख्तरबंद गाड़ियां तैनात की हैं। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।