दिसंबर में पूर्व सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद की सत्ता के पतन के बाद इराक में यह आशंका पैदा हो गई है कि वहां आईएस फिर से उभर सकता है। सत्ता परिवर्तन से सीरिया में जो सुरक्षा शून्यता पैदा हुई है और पूर्व सीरियाई सेना द्वारा छोड़े गए हथियारों का फायदा आतंकी संगठन आईएस उठा सकता है।
इराक के प्रधानमंत्री ने सोमवार को कहा कि अमेरिकी सैनिकों की एक छोटी टुकड़ी फिलहाल इराक में तैनात रहेगी। इराकी पीएम ने खूंखार आतंकी संगठन आईएस के सीरिया में बढ़ते प्रभाव को वजह बताया है। इराक में तैनात अमेरिकी सैनिक सीरिया में आईएस से लड़ने वाले अमेरिकी बलों के साथ समन्वय रखेंगे।
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सीरिया में बदले हालात के चलते बदला फैसला
अमेरिका और इराक में पिछले साल सहमति बनी थी कि इस साल सितंबर तक आईएस से लड़ने के लिए बनाए गए अमेरिकी नेतृत्व वाले गठबंधन को समाप्त कर दिया जाएगा और सभी अमेरिकी सैनिकों की बगदाद से वापसी हो जाएगी। हालांकि अब एक इराकी पीएम मोहम्मद शिया अल सुदानी ने कहा है कि अमेरिकी सैनिकों का एक छोटा दल इराक में फिलहाल तैनात रहेगा। ये अमेरिकी सैनिक पश्चिमी इराक स्थित ऐन अल-असद हवाई अड्डे से सटे एक अड्डे, और उत्तरी इराक स्थित अल-हरीर हवाई अड्डे पर तैनात रहेंगे।
'इराक को सबसे पहले रखते हैं'
इराकी राष्ट्रपति ने कहा कि समझौते में मूल रूप से सितंबर तक ऐन अल-असद से अमेरिकी सेना की पूरी वापसी की बात कही गई थी, लेकिन सीरिया में हुए घटनाक्रम के कारण अड्डे पर 250 से 350 सलाहकारों और सुरक्षाकर्मियों की एक छोटी इकाई बनाए रखना जरूरी हो गया है। उन्होंने आगे कहा कि अन्य अमेरिकी ठिकानों पर कर्मियों और अभियानों में धीरे-धीरे कमी की जा रही है। अल-सुदानी ने कहा कि 'हम इराक को सबसे पहले रखते हैं और हम किसी के प्रतिनिधि के रूप में काम नहीं करना चाहते। इराक संघर्षों का मैदान नहीं बनेगा।'
सीरिया में सत्ता परिवर्तन के बाद बढ़ा आईएस का खतरा
दिसंबर में पूर्व सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद की सत्ता के पतन के बाद इराक में यह आशंका पैदा हो गई है कि वहां आईएस फिर से उभर सकता है। सत्ता परिवर्तन से सीरिया में जो सुरक्षा शून्यता पैदा हुई है और पूर्व सीरियाई सेना द्वारा छोड़े गए हथियारों का फायदा आतंकी संगठन आईएस उठा सकता है।