गत माह शांति के नोबेल पुरस्कार के लिए चुनी गईं नरगिस मोहम्मदी ने ईरानी जेल में भूख हड़ताल शुरू कर दी है। मोहम्मदी की रिहाई के आंदोलनकर्ताओं ने बताया कि ईरान की कुख्यात एवियन जेल में कैद मोहम्मदी ने कैद की शर्तों और महिलाओं के हिजाब पहनने को अनिवार्य बनाए जाने के खिलाफ भूख हड़ताल शुरू की है। उनकी मेडिकल देखभाल की मांग स्वीकार नहीं की गई है।
परिवार ने सोमवार को एक बयान में कहा कि नरगिस मोहम्मदी ने जेल से एक संदेश के जरिए बताया है कि उन्होंने कई घंटे पहले भूख हड़ताल शुरू कर दी है। हम नरगिस की स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं। एक्स पर एक पोस्ट में परिवार ने कहा कि नरगिस जेल में केवल पानी, चीनी और नमक के घोल सेवन कर रही हैं। उन्होंने दवाएं लेना बंद कर दिया है।
नरगिस मोहम्मदी जबरन हिजाब पहनने के नियम का विरोध कर रही हैं। ईरान में 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के लिए हिजाब पहनना अनिवार्य है। हालांकि, इस नियम का समय-समय पर विरोध होता रहा है। पिछले साल सितंबर में ईरान की मोरैलिटी पुलिस की हिरासत में महसा अमीनी नाम की लड़की की मौत के बाद देशव्यापी विरोध प्रदर्शन हुआ था। हिजाब नहीं पहनने के कारण मोरैलिटी पुलिस ने महसा को गिरफ्तार किया था।