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ईरानी हमलों ने बढ़ाई इस्राइल की मुसीबत: 10-12 दिन ही मुकाबला कर पाएंगी तेल अवीव की मिसाइलें? रिपोर्ट में दावा

Wed, 18 Jun 2025 02:10 PM IST
बशु जैन वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेल अवीव/वॉशिंगटन

सार

इस्राइल ने ऑपरेशन राइजिंग लॉयन के दौरान ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला किया था। इसके जवाब में ईरान ने भी इस्राइल पर लगातार हमले किए हैं। ईरानी मिसाइलों को रोकते-रोकते इस्राइल की वायु रक्षा प्रणाली कमजोर पड़ती जा रही है। 
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ईरान-इस्राइल का टकराव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ईरान के परमाणु ठिकानों और सैन्य ढांचे को नुकसान पहुंचाने का दावा कर रहे इस्राइल की मुसीबत बढ़ गई है। ईरान की ओर से लगातार किए जा रहे हमलों के चलते इस्राइल का एयर डिफेंस सिस्टम कमजोर हो रहा है। एक रिपोर्ट  में दावा किया जा रहा है कि इस्राइल की मिसाइलें केवल 10-12 दिन ही ईरान के हमलों का मुकाबला कर पाएंगीं। हालात यह हैं कि इस्राइल ने ईरान के हमलों को रोकने के लिए लंबी दूरी की मिसाइलों का इस्तेमाल करना कम कर दिया है। 

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इस्राइल ने बीते शुक्रवार को ऑपरेशन राइजिंग लॉयन शुरू करके ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला किया था। इसके जवाब में ईरान ने भी इस्राइल पर लगातार हमले किए हैं। बताया जा रहा है कि ईरान अब तक इस्राइल पर 400 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें दाग चुका है। ईरान के पास मिसाइलों का बड़ा भंडार हैं। इस्राइल की वायु रक्षा प्रणाली में शामिल आयरन डोम और एरो सिस्टम बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में कामयाब रहा। अधिकारी बताते हैं कि ईरान के एक तिहाई से अधिक मिसाइल लॉन्चर नष्ट कर दिए गए हैं। 

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वहीं खुफिया अधिकारी ने बताया कि ईरान के पास मिसाइलों की बड़ी खेप है। माना जा रहा है कि यह जमीनों के अंदर छिपी है। उधर, ईरानी हमलों को रोकते-रोकते इस्राइल की वायु रक्षा प्रणाली कमजोर पड़ती जा रही है। एक अनुमान के मुताबिक रात्रिकालीन मिसाइल रक्षा संचालन की लागत 285 मिलियन डॉलर है। जबकि एरो सिस्टम की मिसाइल की लागत तीन मिलियन डॉलर आती है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अगर ईरान के हमले बदस्तूर जारी रहे तो इस्राइल बिना किसी मदद के 10-12 दिन ही अपनी मिसाइलों के देश की रक्षा कर सकता है। अफसरों ने बताया कि सिस्टम पर पहले ही काफी दबाव है। ऐसे में इसका चुनाव करना पड़ सकता है कि किन मिसाइलों को रोकना है  और किसको नहीं। 
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शु्क्रवार को आईडीएफ मुख्यालय पर गिरी थी मिसाइल
इस्राइल की वायु रक्षा प्रणाली पर पड़ रहे दबाव का आलम यह है कि शुक्रवार रात को ईरानी मिसाइल आयरन डोम को चकमा देकर आईडीएफ मुख्यालय पर जा गिरी थी। इसके बाद रविवार को हाइफा में प्रमुख तेल रिफाइनरी को बंद किया गया। मंगलवार को कई ईरानी मिसाइलें तेल अवीव के उत्तर में गिरीं। ईरानी हमलों अब तक इस्राइल में 24 लोग मारे गए हैं, 800 से अधिक घायल हुए हैं और 3,800 से अधिक लोगों को उनके घरों से निकाला गया है। वहीं ईरान में शुक्रवार से अब तक 224 लोग मारे गए हैं।

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