बिआरित्ज शिखर सम्मेलन से इतर एक कांफ्रेंस में अमेरिकी राष्ट्रपति के ईरान पर नरम रुख अपनाने के बाद ईरान ने सशर्त वार्ता का प्रस्ताव रखा है। ईरानी विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जरीफ ने कहा है कि अमेरिका यदि हमसे बातचीत चाहता है तो उसे 2015 में हुए परमाणु सौदे को मानना पड़ेगा और ईरानी लोगों के खिलाफ आर्थिक आतंकवाद बंद करना पड़ेगा।
यूरोपीय संघ (ईयू) की राजनयिक प्रमुख ने बृहस्पतिवार को कहा कि वे अमेरिका-ईरान वार्ता का समर्थन करेंगे, लेकिन इसके लिए ईरान के साथ एटमी डील का पूर्णत: पालन होना चाहिए। ईयू राजनयिक प्रमुख फेडरिका मोघेरिनी ने वार्ता का सावधानीपूर्वक स्वागत करते हुए कहा, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मौजूदा जरूरतों को संरक्षित किया जाना चाहिए। इसमें 2015 की डील शामिल है। मोघेरनी यहां विदेश और रक्षा मंत्रियों की एक बैठक में हिस्सा लेने पहुंची हैं।