ईरान-अमेरिका के बीच जारी जंग के बीच एक ईरानी अधिकारी ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर उसने जमीन पर सेना उतारी तो उसे मुहतोड़ जवाब मिलेगा। ईरानी अधिकारी के मुताबिक, उनकी जमीन पर हमला करना उनकी 'रेड लाइन' है, यानी ऐसी सीमा जिसे पार करना युद्ध को और खतरनाक बना सकता है।
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव इस समय काफी बढ़ गया है। इसी बीच ईरान की सेना के एक बड़े अधिकारी ने अमेरिका को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा है कि अगर अमेरिका ने ईरान की जमीन पर ग्राउंड अटैक यानी जमीन से हमला करने की कोशिश की, तो उसे बड़ा और चौंकाने वाला जवाब मिलेगा। ईरानी अधिकारी के मुताबिक, उनकी जमीन पर हमला करना उनकी 'रेड लाइन' है, यानी ऐसी सीमा जिसे पार करना युद्ध को और खतरनाक बना सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले भी जब दुश्मनों ने हमला किया, तो ईरान ने उन्हें 'सरप्राइज' दिया था और इस बार भी वैसा ही होगा।
'ट्रंप ने गलती की तो अमेरिकी सैनिकों को उठाना पड़ेगा नुकसान'
ईरान ने यह भी याद दिलाया कि जब उसकी ऊर्जा (तेल-गैस) से जुड़ी सुविधाओं पर हमला हुआ था, तो पूरे क्षेत्र की ऊर्जा व्यवस्था प्रभावित हो गई थी। यानी अगर इस बार बड़ा संघर्ष हुआ, तो असर सिर्फ ईरान पर नहीं बल्कि पूरे पश्चिम एशिया (खाड़ी क्षेत्र) पर पड़ सकता है। सबसे कड़ी बात यह कही गई कि अगर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गलती की, तो अमेरिकी सैनिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। यहां तक कहा गया कि हालात इतने खराब हो सकते हैं कि सैनिकों के शव भी वापस ले जाना मुश्किल हो जाएगा।
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ईरान ने यूएई को भी दी चेतावनी
ईरान ने यूएई (जैसे दुबई और अबू धाबी) को भी चेतावनी दी है कि अगर ईरानी द्वीपों पर हमला हुआ, तो उनके तटीय इलाके भी सुरक्षित नहीं रहेंगे। दूसरी तरफ, रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम (परमाणु सामग्री) को खत्म करने के लिए गुप्त ऑपरेशन पर विचार कर रहा है। इसके लिए अमेरिका की खास फोर्स को इस्तेमाल करने की योजना बनाई जा रही है, लेकिन अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
युद्धविराम के पक्ष में नहीं हैं राष्ट्रपति ट्रंप
इस बीच ट्रंप ने यह भी कहा है कि वह अभी सीजफायर यानी युद्धविराम के पक्ष में नहीं हैं। उनका कहना है कि जब एक पक्ष दूसरे को पूरी तरह कमजोर कर रहा हो, तब सीजफायर का सवाल नहीं उठता। कुल मिलाकर, पश्चिम एशिया में हालात काफी तनावपूर्ण हैं और अगर कोई बड़ा कदम उठाया गया, तो इसका असर पूरे क्षेत्र और दुनिया पर पड़ सकता है।