विदेश मंत्री ने कहा कि ईरान का अमेरिका से बातचीत का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि जब तक इस्राइल की तरफ से हमले जारी रहेंगे, वे संघर्ष विराम को लेकर कोई बात नहीं करेंगे।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने धमकी दी है कि अगर इस्राइल के साथ जंग में अमेरिका भी शामिल हुआ तो इसके गंभीर परिणाम होंगे और इसके खतरों से कोई भी देश नहीं बच पाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि अमेरिका, इस्राइल के समर्थन में संघर्ष में शामिल हो सकता है। ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि अगर ऐसा होता है तो ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण होगा।
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'जब तक हमले जारी, तब तक नहीं होगी संघर्ष विराम पर बात'
ईरानी विदेश मंत्री ने जिनेवा में यूरोपीय देशों के विदेश मंत्रियों से मुलाकात की। हालांकि इस मुलाकात में संघर्ष विराम के लिए सहमति नहीं बन पाई। जिनेवा से लौटते हुए इस्तांबुल में मीडिया से बात करते हुए अराघची ने ये बयान दिया। अराघची ने कहा कि वे आगे भी बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन ईरान का अमेरिका से बातचीत का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि जब तक इस्राइल की तरफ से हमले जारी रहेंगे, वे संघर्ष विराम को लेकर कोई बात नहीं करेंगे।
जिनेवा के एक होटल में करीब साढ़े तीन घंटे चली इस बैठक के बाद जर्मनी के विदेश मंत्री योहान वेडफुल ने कहा कि अच्छा नतीजा यह है कि हमें लगा कि ईरान बातचीत जारी रखने को तैयार है और सभी अहम मुद्दों पर बात करने को इच्छुक है। उन्होंने कहा कि बैठक काफी गंभीर रही। वहीं, ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड लैमी ने कहा कि हम चाहते हैं कि ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत जारी रहे। हमने साफ कर दिया है कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं मिल सकता।
इस्राइल का भी बातचीत से इनकार
इस्राइली ने भी हाल ही में एक बयान में कहा कि ईरान के साथ तब तक कोई बातचीत नहीं होगी जब तब ऑपरेशन राइजिंग लायन के उद्देश्यों को हासिल नहीं कर लिया जाता। इस्राइली रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में तेहरान में संभवित तख्तापलट की ओर इशारा किया है। इसमें उन्होंने लिखा, 'तेहरान के ऊपर तूफान गुजर रहा है। शासन के प्रतीकों पर बमबारी की जा रही है और उन्हें नष्ट किया जा रहा है। इसमें प्रसारण प्राधिकरण भी शामिल है। लोगों की भीड़ भाग रही है। तानाशाही का पतन इसी तरह होता है।'