ईरान ने संयुक्त राष्ट्र से पिछले महीने सीरिया के हवाई क्षेत्र में ईरानी यात्री विमान को रोके जाने की घटना के लिए अमेरिका को जवाबदेह बनाने की अपील की है। इस यात्री विमान को अमेरिका के दो लड़ाकू विमानों ने रोका था। ईरान ने अमेरिका द्वारा उसके विमानों को रोके जाने को गैरकानूनी और दुस्साहसी कदम बताया।
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत माजिद तख्त रवांची ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव गुटेरस और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) को शुक्रवार को दिए गए पत्र में कहा कि ईरान अंतरराष्ट्रीय कानून के इस उल्लंघन के खिलाफ कड़ी आपत्ति जताता है और वह यह मामला प्रासंगिक अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में उठाएगा।
रवांची ने कहा कि 23 जुलाई को तेहरान से बेरुत जा रही ‘महान’ विमानन कंपनी की उड़ान ए310 को सीरिया के हवाई क्षेत्र से गुजरते समय दो अमेरिकी एफ-15 लड़ाकू विमानों ने आक्रामक और गलत तरीके से रोका था।
राजदूत ने कहा कि अमेरिकी लड़ाकू विमान के आक्रामक और खतरनाक कदमों की प्रतिक्रिया के तौर पर और असैन्य विमान व यात्रियों के जीवन की रक्षा करने के लिए विमानन कंपनी को अचानक अपनी ऊंचाई बदलनी पड़ी, जिससे विमान में सवार यात्रियों को चोटें आई थीं।
वहीं अमेरिकी नौसेना के कप्तान और सेंट्रल कमान के प्रवक्ता बिल अर्बन ने घटना के समय कहा था कि यूएस एफ-15 लड़ाकू विमान ने करीब 1000 मीटर की दूरी से विमानन कंपनी के यात्री विमान का निरीक्षण किया था।
ईरानी राजदूत ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन संधि के प्रावधानों के अनुसार ईरान के नागर विमानन संगठन ने सीरियाई प्राधिकारियों से संपर्क किया और घटना की तत्काल एवं सटीक जांच करने की अपील की थी।